
RKTV NEWS/देवघर ( झारखंड)20 मई।उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी के निर्देशानुसार मंगलवार को उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा की अध्यक्षता में पेयजल समस्या एवं जलापूर्ति व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित चापाकलों एवं जलमीनारों की वर्तमान स्थिति, मरम्मत कार्य तथा मॉनिटरिंग व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान जिले के सभी खराब एवं मरम्मत योग्य चापाकल तथा जलमीनार की ऑनलाइन एंट्री अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया। साथ ही इस कार्य को पूर्ण कराने की जिम्मेदारी पेयजल विभाग के जिला समन्वयक को दी गई। यदि किसी क्षेत्र में चापाकल अथवा जलमीनार खराब पाया जाता है तथा उसकी गलत रिपोर्टिंग की जाती है, तो संबंधित पदाधिकारी/कर्मी के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्रखंड स्तर पर पंचायत स्तरीय टास्क फोर्स के माध्यम से पेयजल स्रोतों की लगातार मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि आमजनों को पेयजल समस्या का सामना न करना पड़े। साथ ही ऐसे जलमीनार जो O & M (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) के अंतर्गत हैं तथा संबंधित संवेदक द्वारा मरम्मत कार्य नहीं कराया जा रहा है, उन संवेदकों एवं संबंधित एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। आगे निर्देश दिया गया कि PVTG एरिया एवं दुरस्त क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था की निगरानी स्वयं सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी करें।
इसके अलावा उप विकास आयुक्त ने कहा कि गर्मी के मौसम में पेयजल व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है तथा आमजनों को सुचारु पेयजल उपलब्ध कराना सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी अधिकारियों को समन्वय बनाकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।।बैठक में निदेशक DRDA, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता PHED देवघर एवं मधुपुर, जिला अभियंता जिला परिषद देवघर अपने अपने टीम के साथ जुड़े थे तथा जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
