जिलावासियों को निर्बाध पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने को जिला प्रशासन प्रतिबद्ध: उपायुक्त
RKTV NEWS/गढ़वा(झारखंड )08 मई।समाहरणालय स्थित कार्यालय वेश्म में उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी अनन्य मित्तल ने बढ़ती गर्मी को देखते हुए जिले में निर्बाध पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षात्मक बैठक की। बैठक में आमजनों को गर्मी के मौसम में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल तथा नगर परिषद एवं दोनों नगर पंचायतों के कार्यपालक पदाधिकारियों को नियमित एवं सुचारु पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने पेयजल की गुणवत्ता की लगातार जांच करने, सभी नल एवं चापाकलों को दुरुस्त कर चालू रखने तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में वॉटर टैंकर की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
उपायुक्त श्री मित्तल ने नगर परिषद गढ़वा, नगर पंचायत मझीआँव एवं नगर पंचायत श्रीबंशीधर नगर को आवश्यकतानुसार अपने-अपने क्षेत्रों में वॉटर टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि जिन नगर परिषद अथवा नगर पंचायत क्षेत्रों में पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है, वहां का विस्तृत डीपीआर तैयार कर उपायुक्त के माध्यम से संबंधित विभाग को उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने गर्मी के मौसम को देखते हुए अग्निशमन विभाग को भी पूरी तरह सक्रिय रहने का निर्देश दिया, ताकि आगजनी जैसी घटनाओं पर त्वरित नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में उपायुक्त ने आमजनों के लिए जारी हेल्पलाइन नंबरों को सक्रिय रखने तथा पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति से संबंधित शिकायतों का त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति से संबंधित समस्याओं के निराकरण हेतु संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मियों का मोबाइल नंबर सार्वजनिक किया जाए, ताकि आमजन आसानी से अपनी शिकायत दर्ज करा सकें।
उपायुक्त ने कहा कि जिले के विभिन्न प्रखंडों में संचालित नलकूप, लघु एवं वृहद ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं में यदि किसी प्रकार की तकनीकी खराबी उत्पन्न होती है, तो संबंधित प्रखंड के कनीय अभियंताओं से सीधे संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है, जिससे त्वरित मरम्मत कर पेयजल आपूर्ति बहाल की जा सके।
उन्होंने बताया कि झार जल ऐप पर दर्ज शिकायतों का जिला प्रशासन द्वारा लगातार निराकरण किया जा रहा है। ऐसे में आम जनता से अपील की गई कि पेयजल से संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु झार जल ऐप पर अपनी शिकायत अवश्य दर्ज करें।
विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कार्यपालक अभियंता विद्युत प्रमंडल गढ़वा एवं नगर उंटारी को निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने, खराब ट्रांसफार्मरों एवं जर्जर तारों को अविलंब दुरुस्त करने तथा लो-वोल्टेज वाले क्षेत्रों में स्मूथ विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले के सभी पीएचसी एवं सीएचसी में कम-से-कम दो स्रोतों से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके लिए पब्लिक इलेक्ट्रिसिटी वर्क डिपार्टमेंट, जूनियर इंजीनियर विद्युत विभाग, संबंधित अस्पताल के एमओआईसी एवं बीडीओ संयुक्त रूप से निरीक्षण कर विद्युत आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।
इसी प्रकार अनुमंडल स्तरीय अस्पतालों में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, विद्युत विभाग एवं अनुमंडल पदाधिकारी संयुक्त रूप से निरीक्षण कर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे। वहीं सदर अस्पताल में विद्युत व्यवस्था की समीक्षा एवं सुनिश्चित करने हेतु कार्यपालक अभियंता विद्युत विभाग, डीएस तथा सिविल सर्जन संयुक्त रूप से निरीक्षण करेंगे।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जहां सोलर पावर की व्यवस्था उपलब्ध नहीं है, वहां लोड का आकलन कर जेरेडा के माध्यम से सोलर पावर की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। साथ ही सभी अस्पतालों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति हेतु स्मूथ चेंजर (ऑटोमेटिक चेंजर) की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने बिजली आपूर्ति में बाधा उत्पन्न करने वाले पेड़ों की छंटाई एवं कटाई हेतु वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले में पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति से संबंधित किसी भी समस्या के समाधान हेतु संबंधित विभागों के कार्यपालक अभियंता आपसी समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि उपरोक्त सभी कार्यों की मॉनिटरिंग विकास शाखा प्रभारी द्वारा की जाएगी।
उपायुक्त अनन्य मित्तल ने जिलावासियों से अपील करते हुए कहा कि पेयजल से संबंधित किसी भी समस्या की स्थिति में संबंधित कनीय अभियंता, नियंत्रण कक्ष अथवा विभागीय टोल फ्री नंबर 18003456502 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराएं। साथ हीं https://jharjal.jharkhand.gov.in पोर्टल के माध्यम से भी शिकायत दर्ज की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि सभी नागरिकों को स्वच्छ एवं नियमित पेयजल उपलब्ध हो तथा प्राप्त शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
उपायुक्त ने कहा कि जिलावासियों को निर्बाध पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने, आमजनों की शिकायतों का तत्परतापूर्वक समाधान करने एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित करने हेतु जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है।

