सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने हेतु दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश
दुर्घटनाओं की रोकथाम, जागरूकता और आधारभूत संरचना सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर
उपायुक्त ने किया आमजनों से सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों का पालन करने की अपील।
RKTV NEWS/गढ़वा (झारखंड)04 मई।जिला प्रशासन द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर पहल करते हुए आज सोमवार को समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त -सह- जिला दण्डाधिकारी अनन्य मित्तल ने की। बैठक में पुलिस विभाग, परिवहन विभाग, पथ प्रमंडल, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई और सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए।
बैठक की शुरुआत जिला परिवहन पदाधिकारी धीरज प्रकाश द्वारा सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने से हुई। उन्होंने वर्ष 2025 एवं 2026 के लिए कम्परेटिव रोड एक्सीडेंट डेटा प्रस्तुत करते हुए बताया कि माह जनवरी से मार्च के बीच में वर्ष 2025 में 47 सड़क दुर्घटनाएं हुई, 28 लोगों की मृत्यु हुई एवं 35 घायल हुए। वहीं वर्ष 2026 में 48 दुर्घटनाएं हुई 32 लोगों ने अपनी जान गँवाई एवं 54 लोग घायल हुए।
इसके पश्चात उपायुक्त ने जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए केवल सड़क निर्माण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि आम नागरिकों के बीच यातायात नियमों के प्रति जागरूकता और अनुशासन विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रत्येक पहलू पर समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उपायुक्त मित्तल ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि जागरूकता अभियान केवल औपचारिकता न रहकर जनसामान्य तक प्रभावी ढंग से पहुंचे। इसके लिए स्कूलों, कॉलेजों और आईटीआई आदि संस्थानों में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चों और युवाओं में प्रारंभिक स्तर से ही सुरक्षित यातायात व्यवहार की आदत विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को जागरूक बनाना सड़क दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में एक दीर्घकालिक समाधान साबित होगा।
बैठक के दौरान यातायात नियमों के सख्त अनुपालन को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। उपायुक्त ने सड़क किनारे आवश्यक संकेतकों की स्थापना, हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग तथा नियमित वाहन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही वैसे स्थान जहाँ ग्रामीण सड़कें भारतीय राष्ट्रीय उच्च पथ, पथ प्रमण्डल की सड़कों को जोडती है तथा मार्ग में पड़ने वाले स्कूल के पास सड़क सुरक्षा से सम्बंधित सभी प्रकार के उपाय यथा- Speed Breaker, Rumble strip, Radium आदि लगाया जाए, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लायी जा सके। उन्होंने लगातार वाहन जांच अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही। इस अवसर पर जिले में चल रहे सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण कार्यों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों के कार्यपालक अभियंताओं एवं निर्माण एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर और निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक में शहरी क्षेत्र की समस्याओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया। सड़कों की ऊंचाई के कारण उत्पन्न जल जमाव की समस्या, नालियों के अधूरे निर्माण, जलजमाव, अतिक्रमण के कारण सड़क जाम की स्थिति, सड़कों पर अनावश्यक रूप से खड़े बिजली व टेलीफोन के खम्भे, शहरों की समुचित साफ-सफाई, मुख्य स्थलों पर सीसीटीवी कैमरास आदि को लेकर गढ़वा नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके साथ ही वर्षा के दौरान होने वाले जल जमाव को दूर करने के लिए प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने का निर्देश भी दिया गया, ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मौके पर उपस्थित विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने गढ़वा जिले के विभिन्न क्षेत्र में वैसे सड़कों की समस्या से उपायुक्त को अवगत कराया जो दुर्घटना संभावित हैं। जनप्रतिनिधियों ने भीखही मोड़, अन्नराज नावाडीह, डुमरिया मोड आदि जैसे ब्लाइंड स्पॉट के पास आवश्यक उपाय करने की बात कही ताकि सड़क दुर्घटनाओं में ज्यादा से ज्यादा कमी लाया जा सके। फलस्वरुप उपायुक्त द्वारा ऐसे स्थानों का चिन्हितिकरण करते हुए आवश्यकता अनुसार मिरर लगाने, फुट ओवर ब्रिज का निर्माण करने, अंडरपास बनवाने एवं ऐसे ही दुर्घटना संभावित स्थलों पर समुचित लाइटिंग की व्यवस्था करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारी को दिया गया। उपायुक्त मित्तल ने दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) की पहचान को भी अत्यंत आवश्यक बताया और पुलिस उपाधीक्षक यशोधरा को निर्देश दिया कि जिले के सभी ऐसे स्थलों को चिन्हित कर उनकी सूची तैयार की जाए तथा अगली बैठक में इन स्थलों की तस्वीरों के साथ विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि इन स्थानों पर विशेष सुरक्षा के उपाय लागू कर दुर्घटनाओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
सड़क सुरक्षा अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए सिविल सर्जन जेएफ केनेडी को उपायुक्त ने निर्देशित करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित पोस्टमार्टम रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। इसके अतिरिक्त जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में समुचित एंबुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में उपायुक्त ने आम नागरिकों से अपील की कि वे यातायात नियमों का पालन करें और सड़क सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझें। उन्होंने विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों पर होने वाली दुर्घटनाओं की सूचना के लिए 1033 हेल्पलाइन नंबर तथा अन्य आपात स्थितियों के लिए 112 नंबर का उपयोग करने की अपील की, ताकि समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके। इसके लिए उन्होंने NHAI से आए पदाधिकारी को उपरोक्त हेल्पलाइन नंबर 1033 को प्रचुर/बहुतायत मात्रा में सड़कों पर स्थापित करने के निर्देश दिए।
वहीं स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग गढ़वा के तहत वैसे सभी विद्यालय के प्रबंधक को ऑडिट कराने का निर्देश दिया गया, जहां बस एवं अन्य वाहनों का उपयोग किया जाता है। स्कूली वाहनों में ओवरलोडिंग पर विशेष नजर रखते हुए स्कूल संचालकों एवं वाहन संचालकों पर कार्रवाई करने की बात कही गई। साथ ही सड़क सुरक्षा प्रबंधक गढ़वा को समन्वय स्थापित करते हुए प्रत्येक विद्यालयों, महाविद्यालयों व आईटीआई संस्थानों आदि में जागरूकता कार्यक्रम चलाने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि समन्वित प्रयास, सुदृढ़ आधारभूत संरचना और व्यापक जनजागरूकता के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
उपायुक्त ने कहा कि गढ़वा जिला प्रशासन इस दिशा में निरंतर सक्रिय प्रयास कर रहा है, ताकि जिले में सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। इस अवसर पर उपरोक्त पदाधिकारियों के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर, अभियान एसपी आरडी बड़ाईक, जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज, माननीय सांसद एवं विधायक प्रतिनिधिगण, कार्यपालक अभियंता पथ निर्माण विभाग, कार्यपालक पदाधिकारी नगर पंचायत मंझिआंव एवं श्री बंशीधर नगर समेत सड़क सुरक्षा समिति के अन्य सदस्य आदि उपस्थित थें।

