
शाहपुर/भोजपुर (राकेश मंगल सिन्हा) 5 अगस्त। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के सफल क्रियान्वयन के छह वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य मे भोजपुर जिला के शाहपुर के गौतम नगर स्थित श्री त्रिदण्डी देव राजकीय डिग्री काॅलेज मे “राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की उपलब्धियाँ” विषय पर निबंध प्रतियोगिता एवं अकादमिक परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो गुलाब फलाहारी ने अपने अध्यक्षीय संबोधन मे कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भारतीय शिक्षा व्यवस्था को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने का एक ऐतिहासिक प्रयास है। उन्होंने कहा कि बहुविषयक शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास, भारतीय ज्ञान परंपरा तथा विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण इस नीति की प्रमुख विशेषताएँ हैं। उन्होंने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे नई शिक्षा नीति की भावना के अनुरूप विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, मूल्यपरक एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहें। डॉ मनोज कुमार, सहायक प्राध्यापक, रसायन विज्ञान विभाग ने विज्ञान एवं अनुसंधान आधारित शिक्षा की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ शेर सिंह, सहायक प्राध्यापक, भूगोल विभाग ने पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय ज्ञान एवं सतत विकास को शिक्षा का अभिन्न अंग बताया। डॉ अम्बरीश गौतम, सहायक प्राध्यापक, समाजशास्त्र विभाग ने सामाजिक समावेशन, भारतीय ज्ञान परंपरा तथा बहुविषयक शिक्षा को राष्ट्रीय शिक्षा नीति की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। डॉ आस्था कुमारी, सहायक प्राध्यापिका, भौतिकी विभाग ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार एवं तकनीकी दक्षता को भविष्य की शिक्षा का आधार बताया। डॉ शीतल शर्मा, सहायक प्राध्यापिका, समाजशास्त्र विभाग ने मूल्यपरक एवं विद्यार्थी केंद्रित शिक्षा की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ अबुल कलाम, सहायक प्राध्यापक, उर्दू विभाग ने भारतीय भाषाओं के संरक्षण एवं संवर्धन को नई शिक्षा नीति की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। डॉ बुधदेव राम, सहायक प्राध्यापक, संस्कृत विभाग ने भारतीय संस्कृति एवं ज्ञान परंपरा को शिक्षा से जोड़ने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। डॉ. संतोष तिवारी, सहायक प्राध्यापक, रसायन विज्ञान विभाग ने कौशल विकास, नवाचार एवं अनुसंधान को आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला बताया। डॉ अफरीन बानो, सहायक प्राध्यापिका, राजनीति विज्ञान विभाग ने लोकतांत्रिक मूल्यों एवं उत्तरदायी नागरिकता के निर्माण मे नई शिक्षा नीति की भूमिका को रेखांकित किया। डॉ मनीष कुमार, सहायक प्राध्यापक, दर्शनशास्त्र विभाग ने नैतिक शिक्षा एवं तार्किक चिंतन के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। डॉ राजेश कुमार, सहायक प्राध्यापक, अंग्रेज़ी विभाग ने प्रभावी संप्रेषण कौशल एवं वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करने मे नई शिक्षा नीति की भूमिका पर प्रकाश डाला। डॉ भगवान मिश्र ने अकादमिक उत्कृष्टता एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर बल दिया। डॉ छाया कुमारी ने समावेशी एवं छात्र केंद्रित शिक्षा को समय की आवश्यकता बताया। डॉ एस एम फैज़ ने डिजिटल शिक्षा एवं आधुनिक शिक्षण तकनीकों के प्रभावी उपयोग पर अपने विचार रखे जबकि डॉ रूपेश कुमार ने शोध, नवाचार एवं समाजोपयोगी शिक्षा को राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया। “राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की उपलब्धियाँ” विषयक निबंध प्रतियोगिता मे विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। निर्णायक मंडल द्वारा मूल्यांकन के उपरांत सेमेस्टर-7 की छात्रा कुशी कुमारी को प्रथम पुरस्कार, सेमेस्टर-5 के छात्र विवेक कुमार को द्वितीय पुरस्कार तथा सेमेस्टर-5 के छात्र प्रिंस मिश्रा को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। विजेताओं को प्राचार्य प्रो गुलाब फलाहारी द्वारा प्रशस्ति-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। 
