
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 5 अगस्त।भाकपा (माले) के सांसद सुदामा प्रसाद ने आज लोकसभा में शून्यकाल के दौरान सहारा इंडिया की विभिन्न सहकारी समितियों एवं योजनाओं में निवेश करने वाले देश के करोड़ों जमा-कर्ताओं और लाखों अभिकर्ताओं की समस्या को प्रमुखता से उठाया।
उन्होंने कहा कि गरीब, मध्यमवर्गीय परिवारों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने अपने जीवनभर की मेहनत की कमाई सहारा इंडिया में जमा की थी, लेकिन अधिकांश निवेशकों की जमा राशि वर्षों पहले परिपक्व होने के बावजूद आज तक वापस नहीं मिल सकी है। इससे लाखों परिवार आर्थिक संकट, सामाजिक कठिनाइयों और मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं।
सांसद ने सदन में कहा कि सहारा रिफंड पोर्टल पर बड़ी संख्या में दावे दर्ज होने के बावजूद अनेक निवेशकों को भुगतान नहीं मिला है। विशेष रूप से एमआईएस (MIS) योजनाओं के दावों का समुचित निपटारा नहीं हो रहा है। उन्होंने यह भी मांग की कि सहारा इंडिया जमा-कर्ताओं का संपूर्ण डाटा केंद्रीय सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार को उपलब्ध कराए, ताकि सभी पात्र निवेशकों को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने सरकार से मांग की कि सहारा इंडिया की परिसंपत्तियों की बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा आवश्यकतानुसार उन्हें जब्त कर उनकी बिक्री से प्राप्त राशि से जमा-कर्ताओं का ब्याज सहित भुगतान कराया जाए। साथ ही, देश-विदेश में छिपे दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई, अभिकर्ताओं के बकाया कमीशन एवं भविष्य निधि का भुगतान तथा बंद पड़े सहारा कार्यालयों के मकान मालिकों के लंबित किराए का भुगतान भी सुनिश्चित किया जाए।
सांसद सुदामा प्रसाद ने कहा कि 1 जुलाई 2024 को उन्होंने पहली बार संसद में सहारा निवेशकों की इस महत्वपूर्ण जनसमस्या को उठाया था। उस समय तक सहारा निवेशकों को केवल लगभग 193 करोड़ रुपये का ही भुगतान हुआ था। उन्होंने बताया कि संसद के भीतर लगातार प्रश्नों, शून्यकाल, विशेष उल्लेख और अन्य संसदीय माध्यमों से इस मुद्दे को बार-बार उठाने के परिणामस्वरूप अब तक निवेशकों को लगभग 9,500 करोड़ रुपये का भुगतान कराया जा चुका है। हालांकि अभी भी निवेशकों का लगभग 2 लाख करोड़ रुपये सहारा इंडिया के पास बकाया है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सहारा निवेशकों और अभिकर्ताओं को उनका पूरा पैसा मिलने तक संघर्ष सड़क से लेकर सदन तक लगातार जारी रहेगा। सरकार को इस मामले में तत्काल और प्रभावी हस्तक्षेप करते हुए सभी पात्र निवेशकों को उनका धन ब्याज सहित वापस दिलाना चाहिए तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।
उपर्युक्त जानकारी सांसद के निजी सहायक चन्दन कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दिया ।
