शिक्षकों की आवाज थे प्रो कन्हैया बाबू : कुलपति प्रो शैलेंद्र चतुर्वेदी
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)05 अगस्त।शिक्षकों के आवाज, आजीवन निस्वार्थ भाव से सहयोगी, फुटाब के प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रो के बी सिन्हा का 4 अगस्त की रात्रि लगभग 11:30 बजे पटना के मेदांता हॉस्पिटल में इनका निधन हो गया। बिगत कुछ दिनों से तबीयत खराब चल रही थी। इनके निधन के समाचार से शैक्षणिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई और सुबह से ही इनके बाबू बाजार निवास स्थान पर शोक संवेदना और श्रद्धा सुमन अर्पित करने वाले लोगों का तांता लगा रहा।
शहर के तमाम बुद्धिजीवी जनप्रतिनिधि शिक्षक कर्मचारी और इनसे जुड़े तमाम लोग अप्रत्याशित घटना सुनकर पहुंच गए। इनके बड़े भाई चेयरमैन रेड क्रॉस सोसाइटी स्टेट ब्रांच डा बीबी सिन्हा सपरिवार पटना से सुबह आरा में पहुंच गए। डॉ बी बी सिन्हा ने बताया कि भाई का कार्यक्षेत्र उनकी क्षमता और अंतिम समय तक अपने स्तर से शिक्षक सहयोगियों के लिए आवाज उठाते रहे और सुविधा दिलाने का कार्य करते रहे। हजारों लोग शोकसंवेदना देने के लिए आयें।
अंतिम संस्कार के लिए बक्सर ले जाया गया। इन्होंने अपना शैक्षणिक योगदान महाराजा कॉलेज रसायन विभाग से 1972 में प्रारंभ किया और उसे समय से लेकर वर्तमान तक केवल और केवल शिक्षकों की प्रतिष्ठा, उत्थान आज समस्याओं के निराकरण के लिए मगध विश्वविद्यालय वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय और बिहार के तमाम विश्वविद्यालय के लिए एक सफल मार्गदर्शन और योद्धा के रूप में बराबर खड़े रहे। मूल निवासी धमार, राजघराना संपन्न कायस्थ परिवार,उम्र 78 साल, सरल स्वभाव, व्यवहार कुशल,सुबह से शाम तक कालेज प्राध्यापकों से आना जाना, सम्मान में चाय विस्कुट मिठाई यही था रुटिन।
श्रद्धांजलि देने पहुंचे कुलपति प्रो शैलेंद्र कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि ऐसे महान शिक्षा विद, शिक्षकों और विश्वविद्यालय के हितैषी आजीवन बने रहे और शिक्षकों की आवाज बनकर समस्याओं को गंभीरता से रखते हुए समाधान निकालते रहे। ऐसे महान विभूति को मैं सादर नमन करता हूं। इन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय शोक संवेदना के बाद बंद कर दिया गया। यह सम्मान है कि बिहार के सभी विश्वविद्यालय तथा महाविद्यालय शोक संवेदना प्रकट करते हुए अपना कार्य बंद रखा।शोक संवेदना प्रकट करने वालों में प्राचार्य प्रो नरेंद्र प्रताप पालित, प्राचार्या प्रो कनक लता कुमारी, प्राचार्य प्रो नरेंद्र कुमार, प्राचार्या प्रो मीना कुमारी, पूर्व प्राचार्य प्रो गांधीजी राय, प्रो प्रशुंजय कुमार सिन्हा, पूर्व प्राचार्या प्रो कमल कुमारी, प्राचार्य प्रो विकास चन्द्र डॉ मधु सिन्हा,डा अर्चना सिंह, एमएलसी सोनू राय, प्रो ओम प्रकाश राय, प्रो अनिल कुमार सिन्हा,प्रो सत्यनारायण,प्रो एस पी श्रीवास्तव,डा विभा कुमारी,डा दिनेश प्रसाद सिन्हा,डा निर्मल कुमार, डी राजन अधिवक्ता,अशोक शर्मा,नाथू जी,सुशील तिवारी, अशोक मानव,डा पी सी सिन्हा,प्रो लतिका प्रकाश,प्रो नंदजी दूबे विश्वनाथ चौधरी आदि रहे। सभी महाविद्यालय में शोक संवेदना के बाद बंद कर दिया गया।
पटना रेड क्रॉस सोसाइटी स्टेट ब्रांच के पदाधिकारीगण उपस्थित रहे और श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
उनके सामाजिक दायित्वों में मगध विश्वविद्यालय,वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, बिहार के सभी विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के मार्गदर्शक,अभिभावक और फुटाब के प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में सेवा देते रहे। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मोड़,प्रतिमा स्थापित 1988से वर्तमान तक अध्यक्ष, वीर कुंवर सिंह स्मारक समिति के अध्यक्ष, जे पी स्मारक समिति के संरक्षक, नई आशा के संरक्षक, नागरी प्रचारिणी सभा के वरीय सदस्य, रेडक्रॉस सोसायटी, लावारिस सेवा केन्द्र, श्री चित्रगुप्त मंदिर ट्रस्ट, कवि कैलाश स्मारक समिति आदि अनेकों से जुड़े रहे।

