शांति और उद्यमशीलता के लिए प्रसिद्ध सिक्किम में तीव्र प्रगति हो रही है: प्रधानमंत्री
RKTV NEWS/नई दिल्ली 28 अप्रैल।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज सिक्किम के गंगटोक में सिक्किम राज्य की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ के भव्य समापन समारोह में हजारों करोड़ रुपये की 30 से अधिक विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
प्रधानमंत्री ने पालजोर स्टेडियम में सभा को संबोधित करते हुए राज्य के प्रति अपने गहरे लगाव को व्यक्त किया। ऑर्किड उद्यानों की अपनी यात्रा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि वे प्रकृति के जीवंत रंगों और उमंग से मंत्रमुग्ध हो गए। राज्य के प्राकृतिक खजानों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि सिक्किम का पूर्वी स्वर्ग, जिसे ऑर्किड उद्यान के नाम से जाना जाता है, अद्वितीय सुंदरता, शांति और आध्यात्मिक आनंद प्रदान करता है। श्री मोदी ने कहा, “यह अनुभव केवल सौभाग्य से ही प्राप्त होता है। मेरा मन अभी भी उन रंगों और उनके उत्सव में डूबा हुआ है।”
प्रधानमंत्री ने सिक्किम की 50वीं वर्षगांठ को दिव्य वातावरण में मनाने के महत्व पर जोर दिया। जब कोई ऐतिहासिक अवसर इतने दिव्य वातावरण में मनाया जाता है, तो उसकी भव्यता कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम, कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियां, जनता का उत्साह और पहाड़ों व आकाश का सुंदर नजारा पालजोर स्टेडियम में एक जादुई माहौल बना रहे हैं। श्री मोदी ने कहा, “ऐसा लगा मानो प्रकृति और संस्कृति एक साथ जीवंत हो उठी हों। ये यादें मेरे दिल में हमेशा रहेंगी।”
सिक्किम पहुंचकर प्रधानमंत्री ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए अपनी पिछली यात्रा को याद किया, जब खराब मौसम के कारण वे गंगटोक नहीं पहुंच पाए थे और उन्हें बागडोगरा से ऑनलाइन जुड़ना पड़ा था। लोगों से व्यक्तिगत रूप से न मिल पाने की निराशा उनके मन में बनी रही थी और वे इस अवसर का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। श्री मोदी ने कहा, “आज इस अवसर पर मेरा वह इंतजार पूरा हो गया है।”
प्रधानमंत्री ने सिक्किम के लोगों से मिलने के अपने अनूठे अनुभव के बारे में खुलकर बताया, जिनकी सौम्यता, सादगी और मुस्कुराते चेहरे उन्हें हमेशा शांति प्रदान करते हैं। मुख्य कार्यक्रम से पहले, उन्होंने सिक्किम के कई प्रतिभाशाली लोगों से मुलाकात कर विभिन्न विषयों पर चर्चा की, जिनमें प्रख्यात नागरिक, पद्म पुरस्कार विजेता, कलाकार और फुटबॉलर शामिल थे। श्री मोदी ने कहा, “सिक्किम के लोगों से मिलना मुझे हमेशा एक अलग तरह की संतुष्टि देता है।”
प्रधानमंत्री ने पिछली शाम के रोड शो का विस्तृत वर्णन करते हुए इसे एक अविस्मरणीय अनुभव बताया। गंजू लामा द्वार से लेकर लोक भवन तक, सिक्किम के लोगों ने भारी संख्या में अपना प्रेम बरसाया, जिसमें 21 प्रजातीय समुदायों में से प्रत्येक समुदाय ने अपने-अपने परिधान, संगीत और परंपराओं के साथ भाग लिया। पूरा वातावरण एक भव्य उत्सव में परिवर्तित हो गया था। श्री मोदी ने कहा, “यह दृश्य प्रकृति की गोद में खिलते विभिन्न रंगों जैसा था, लोगों के हाथों में हमारा प्रिय तिरंगा था और भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे गूंज रहे थे; पूरा वातावरण ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को प्रतिबिंबित कर रहा था।”
प्रधानमंत्री ने बड़ी संख्या में आए महिलाओं, बच्चों और बुजुर्ग नागरिकों की उपस्थिति के बारे में चर्चा की। सबसे प्रभावशाली बात यह थी कि पूरे रास्ते में सिक्किम की सड़कें बेहद साफ थीं, कहीं भी गंदगी नहीं दिख रही थी और हवा व सड़कें दोनों ही शुद्ध थीं। श्री मोदी ने प्रशंसा करते हुए कहा, “आप प्रकृति के पक्के संरक्षक और ब्रांड एंबेसडर हैं।”
प्रधानमंत्री ने रोड शो और वर्तमान उत्सव के लिए आभार व्यक्त करते हुए, सभी नागरिकों और कलाकारों को धन्यवाद दिया और सिक्किम के लोगों और सभी देशवासियों को इस त्योहार की बधाई दी। सभा को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने दृढ़ संकल्प व्यक्त किया, “मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि आपके प्रेम, स्नेह और आशीर्वाद के इस ऋण को चुकाने में मैं कोई कसर नहीं छोड़ूंगा।”
आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों तक बढ़ा दी गई है, जबकि जन औषधि केंद्रों पर दवाएं बेहद किफायती दरों पर उपलब्ध हैं। श्री मोदी ने कहा, “इन प्रयासों से न केवल आपका जीवन आसान हुआ है, बल्कि आपके चिकित्सा खर्च में भी कमी आई है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्थिक प्रगति और संसाधनों को लेकर विश्व का नजरिया तेजी से बदल रहा है, और अब वैश्विक ध्यान सतत जीवनशैली, स्वच्छ ऊर्जा और जैविक खाद्य पदार्थों पर केंद्रित है। इस बात पर खुशी जताई कि पूर्वोत्तर और सिक्किम इस भावी विकास के प्रमुख केंद्र हैं, उन्होंने कहा कि सिक्किम ने पूरे देश को दिशा दिखाई है। श्री मोदी ने कहा, “सिक्किम ने 2016 में खुद को पूरी तरह से जैविक राज्य घोषित किया, जो पूरे देश के लिए एक मिसाल है।”
सिक्किम के जैविक खेती में किए गए अग्रणी प्रयासों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देमाजोंग अब न केवल चावल उत्पादन के लिए बल्कि जैविक चावल के लिए भी जाना जाता है। बड़ी इलायची, अदरक, हल्दी, एवोकैडो और कीवी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुंच रहे हैं, जबकि सैकड़ों प्रकार के औषधीय पौधे स्थानीय लोगों के लिए आय का स्रोत बन रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बताया कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को सीधे बाजार तक पहुंच प्रदान करने के लिए एक जैविक प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया गया है। श्री मोदी ने कहा, ” जैविक और प्राकृतिक खेती का सिक्किम मॉडल पूरे देश के लिए प्रेरणा है। आपकी जीवनशैली और आपके संकल्प राष्ट्र के विजन का हिस्सा बन चुके हैं।”
प्रधानमंत्री ने सिक्किम की आर्थिक प्रगति में स्वयं सहायता समूहों और महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करते हुए, इस बात पर प्रकाश डाला कि डिजिटल इंडिया उनके उत्पादों को व्यापक बाजारों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। श्री मोदी ने कहा, “‘स्वयं सिक्किम’ जैसे प्लेटफॉर्म आज इन महिलाओं को सशक्त बना रहे हैं।”
प्रधानमंत्री ने सिक्किम की स्वच्छ ऊर्जा की अपार संभावनाओं से अवगत कराया, जिनका उपयोग पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए। उन्होंने स्वीकार किया कि पर्यावरण संरक्षण सिक्किम के लोगों के स्वभाव में निहित है और ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल और स्थानीय स्तर पर चलाई जा रही ‘मेरो रुख मेरो संतति’ पहल में उनकी भागीदारी की सराहना की, जिसके तहत प्रत्येक बच्चे के जन्म पर 108 पेड़ लगाए जाते हैं। श्री मोदी ने कहा, “मुझे विश्वास है कि यह पहल पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा है।”
प्रधानमंत्री ने सभी से पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को उसी समर्पण के साथ जारी रखने का आह्वान करते हुए इसे एक ऐसी विरासत बताया जिसे आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित किया जाना चाहिए। श्री मोदी ने जोर देते हुए कहा, “यह हमारी धरोहर है जिसे हमें भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना चाहिए।”
अपने संबोधन के समापन में प्रधानमंत्री ने सिक्किम के विकास में तेजी लाने और विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए सामूहिक प्रयास का आह्वान किया। सिक्किम को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के अपने संकल्प को व्यक्त करते हुए उन्होंने इस अवसर पर सभी को एक बार फिर बधाई दी। श्री मोदी ने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा, “मैं आप सभी के उज्ज्वल भविष्य और निरंतर समृद्धि की कामना करता हूं।”

