
RKTV NEWS/जमशेदपुर ( पूर्वी सिंहभूम)13 जून।समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आंगनबाड़ी सेवाओं, पोषण कार्यक्रमों, पीएम मातृ वंदना योजना तथा विभिन्न आधारभूत सुविधाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने जिले में रिक्त पड़े 42 आंगनबाड़ी सेविका एवं 55 सहायिका पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश देते हुए कहा कि आमसभा आयोजित कर जून माह के अंतिम सप्ताह तक नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाए। बैठक में निर्माणाधीन 17 आंगनबाड़ी केंद्रों की समीक्षा करते हुए सभी कार्यकारी एजेंसियों को जुलाई माह के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। साथ ही नव नियुक्त महिला पर्यवेक्षिकाओं को सभी केंद्रों का नियमित निरीक्षण कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा गया।
उपायुक्त ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता को लंबित शौचालय निर्माण एवं नल-जल योजनाओं के कार्य जून माह के भीतर पूर्ण करने का निर्देश दिया। आंगनबाड़ी केंद्रों में विद्युत कनेक्शन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सूची जिला कार्यालय एवं विद्युत विभाग को उपलब्ध कराने को भी कहा गया।
बैठक में जियो-टैग फोटो सर्वेक्षण की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को सर्वेक्षण के दौरान फोटो साझा करने तथा पोषण गतिविधियों के संचालन हेतु खाली पड़े सरकारी भवनों की पहचान करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का प्रतिदिन शत-प्रतिशत संचालन सुनिश्चित करने तथा पोषण ट्रैकर पर नियमित और समयबद्ध प्रविष्टि करने का निर्देश दिया। फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) में धालभूमगढ़, बहरागोड़ा एवं पटमदा प्रखंड का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संबंधित सीडीपीओ का वेतन स्थगित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही सभी प्रखंडों को आगामी 15 दिनों के भीतर 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने को कहा गया।
कुपोषण उपचार केंद्रों (MTC) में शत-प्रतिशत ऑक्यूपेंसी सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए उपायुक्त ने कहा कि कुपोषित बच्चों की पहचान एवं उपचार में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा के दौरान कई प्रखंडों में कम उपलब्धि पर असंतोष व्यक्त करते हुए उपायुक्त ने सभी पात्र लाभुकों को योजना से आच्छादित करने का निर्देश दिया। लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए सभी सीडीपीओ एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं को विशेष अभियान चलाकर पेंडेंसी समाप्त करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी तथा अन्य संबंधित उपस्थित थे।
