
RKTV NEWS/चतरा (झारखंड)27 अप्रैल।भीषण गर्मी के बीच जिले में चल रहा “पेयजल समस्या निवारण पखवाड़ा” अब जमीनी स्तर पर असर दिखाने लगा है। 24 अप्रैल से 11 मई तक चल रहे इस विशेष अभियान के तहत पंचायतों से लेकर शहरी वार्डों तक शिविर लगाकर आमजनों की समस्याएं सीधे सुनी जा रही हैं और उनका त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जा रहा है।
सोमवार 27 अप्रैल को जिले के विभिन्न प्रखंडों के चयनित पंचायतों में शिविर आयोजित किए गए। चतरा प्रखंड के बरैनी एवं दारियातु, गिद्धौर के मंझगांवा, हंटरगंज के डाहा एवं लेंजवा, प्रतापपुर के भरही एवं योगियारा, कुंदा के मरगड़ा, लावालौंग के मंधनिया, सिमरिया के चोपे एवं पगार, इटखोरी के टोनाटांड़ एवं पितीज, मयूरहंड के फुलांग, कान्हाचट्टी के कोल्हैया, पत्थलगड्डा के सिंघानी तथा टंडवा के सरादू एवं कबरा पंचायतों में आयोजित शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और अपनी समस्याएं दर्ज कराईं। इसी क्रम में नगर परिषद, चतरा क्षेत्र अंतर्गत वार्ड संख्या 05 एवं 06 (मध्य विद्यालय, दीभा स्कूल परिसर) में भी शिविर लगाकर प्राप्त शिकायतों का ऑन-द-स्पॉट निष्पादन किया गया।
अभियान की विशेषता यह रही कि शिकायतों के साथ-साथ मौके पर ही तकनीकी टीमों को सक्रिय कर खराब पड़े चापाकलों, जलमीनारों एवं पाइपलाइन को चिन्हित कर मरम्मत करने कार्य किया जा रहा है। कई स्थानों पर लंबे समय से बंद पड़े पेयजल स्रोतों को पुनः चालू कर लोगों को तत्काल राहत प्रदान की जा रही है। साथ ही शिविरों के दौरान ग्राम सभा के माध्यम से पंचायत स्तर पर प्राथमिकता वाली योजनाओं का चयन भी किया जा रहा है, ताकि स्थानीय जरूरतों के अनुरूप स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
प्रशासन द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार 28 अप्रैल को भी यह अभियान जारी रहेगा। इस दिन चतरा प्रखंड के देवरिया एवं मोकतमा, गिद्धौर के पहरा, हंटरगंज के दंतार एवं पैनीकला, प्रतापपुर के टण्डवा एवं रामपुर, कुंदा के बौद्याडीह, लावालौंग के लमटा, सिमरिया के कसारी एवं ईचाक, इटखोरी के हलमता एवं शहरजाम, मयूरहंड के हुसिया, कान्हाचट्टी के बकचुम्बा, पत्थलगड्डा के नोनगांव तथा टंडवा के बचरा उत्तरी एवं बचरा दक्षिणी पंचायतों में शिविर आयोजित किए जाएंगे। साथ ही नगर परिषद, चतरा अंतर्गत वार्ड संख्या 07 (अटल क्लीनिक, छठ तालाब) एवं वार्ड संख्या 08 (कर्मचारी भवन) में भी शिविर लगाए जाएंगे, जहां आमजनों की समस्याएं सुनी जाएंगी।
जिला प्रशासन ने आमजनों से अपील किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में आयोजित शिविरों में पहुंचकर पेयजल से संबंधित समस्याएं दर्ज कराएं, ताकि उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
