RK TV News
खबरें
Breaking News

आत्मोद्धारक थे तीर्थंकर महावीर और गुरु तेग़ बहादुर, अम्बेडकर थे समाजोद्धारक: डॉ अनिल सुलभ

RKTVNEWS/पटना(बिहार)22अप्रैल। अपनी आध्यात्मिक-चेतना से मानव-समुदाय की आत्मा के उद्धारक थे जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर। अपने समय में गुरु तेग़ बहादुर सिंह ने भी यही कार्य किया। उन्होंने आत्म-सम्मान और आदर्शों की रक्षा हेतु बलिदान की शिक्षा दी। ये दोनों महात्मा आत्मोद्धारक थे तो वहीं डा भीमराव अम्बेडकर समाजोद्धारक थे। उन्होंने हिंदू समाज में दलितों की अवस्था में परिवर्तन लाने का महान और सफल उद्यम किया। यह बातें रविवार को प्रबुद्ध हिंदू समाज के तत्त्वावधान में पटेल नगर स्थित देव पब्लिक स्कूल में आयोजित भगवान महावीर जैन, गुरु तेग़बहादुर सिंह एवं अम्बेडकर जयंती समारोह का उद्घाटन करते हुए, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने कही। डा सुलभ ने कहा कि भगवान महावीर ने समाज को जो पाठ उपदेश के माध्यम से पढ़ाए, वही शिक्षा गुरु तेग़ बहादुर ने अपने बलिदान से तथा एक अन्य रूप में बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर ने समाज को दी। अम्बेडकर ने शिक्षा पर बल दिया। वे मानते थे कि उचित शिक्षा के अभाव और विवेक-हीनता के कारण, समाज में भेद-विभेद है। शिक्षित और संगठित होकर, समन्वय के सिद्धांत पर चलकर हम समाज में व्याप्त कुरितियों का नाश कर सकते हैं और एक समरस समाज का निर्माण कर सकते हैं।
डा सुलभ ने कहा कि आदिकाल में जब ज्ञान अपने उत्कर्ष पर था, तब मानव-समाज आनंद में था। भेद नहीं थे। वैमनस्य नहीं था। किंतु मध्य-काल में हमारी शिक्षा और संस्कृति दोनों ही प्रभावित हुईं और भारतीय समाज रूढ़ियों और व्यसनों से ग्रस्त होता चला गया। इसीलिए भारत के राष्ट्रीय-जीवन में पराभव आ गया। उन्होंने कहा कि चरित्र-निर्माण करनेवाली मूल्यवान शिक्षा के माध्यम से ही हम समाज के सभी विकारों को दूर कर सकते हैं।
डा सुलभ ने कहा कि भगवान माहावीर ने बर्बर होते जा रहे मानव-समुदाय को उसके सद्गुणों से परिचित कराया। यह बताया कि प्रेम और अहिंसा का मार्ग ही मनुष्यता का मार्ग हो सकता है। समस्त प्राणी-मात्र से प्रेम और करुणा का भाव रखकर ही हम मानव-जीवन को गुणवत्तापूर्ण, आनन्दमय, अर्थवान और कल्याणकारी बना सकते हैं। महावीर का दर्शन सह-अस्तित्व का सिद्धांत है। इनके बताए मार्ग पर चलकर मानव जीवन अपने आत्मिक उत्कर्ष को पा सकता है।
समारोह के मुख्य अतिथि और पटना विश्व विद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो जगन्नाथ ठाकुर ने कहा कि भगवान महावीर का जन्म बिहार में हुआ। वे जैन धर्म के 24वें और अत्यंत पूज्य तीर्थंकर हैं। उन्होंने संसार को बताया कि ‘अहिंसा’ ही सबसे बड़ा धर्म है।
प्रबुद्ध हिंदू समाज के अध्यक्ष डा जनार्दन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह में मधेपुरा विश्व विद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो केशव प्रसाद सिंह, पटना विज्ञान महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य प्रो दीपक कुमार शर्मा, डा मनोज गोवर्द्धनपुरी, ई रंजन कुमार मिश्र तथा डा मनोज कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किए। संस्था के महामंत्री आचार्य पाँचू राम ने अतिथियों का स्वागत तथा मंच-संचालन विद्यालय के निदेशक दिनेश कुमार देव ने किया।

Related posts

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी में 3,880 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन किया।

rktvnews

आर्थिक संबंधों को मजबूत करने तथा 8वें फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव में हिस्सा लेने के लिए पीयूष गोयल सऊदी अरब का दौरा करेंगे।

rktvnews

छपरा: जय प्रकाश विश्वविद्यालय में नामांकन को ले वैश्य जागरण मंच की बैठक।

rktvnews

चतरा:अपर समाहर्त्ता की अध्यक्षता में राजस्व संग्रहण, अंचल, नीलाम पत्र, निबंधन एवं अवैध उत्खनन की रोकथाम की बैठक संपन्न।

rktvnews

पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहटा स्थित राज्य आपदा रिस्पॉन्स बल वाहिनी मुख्यालय के नवनिर्मित भवन का किया उद्घाटन।

rktvnews

चतरा:जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की समीक्षात्मक बैठक संपन्न!निर्वाचन कार्य को लेकर सभी कोषांग के नोडल पदाधिकारी के साथ हुई बैठक।

rktvnews

Leave a Comment