
RKTV NEWS/ नई दिल्ली 17 अप्रैल।पशु स्वास्थ्य पर थिंक टैंक, सशक्तिकरण समिति फॉर एनिमल हेल्थ (ECAH) की 10वीं बैठक 16 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में पशुपालन एवं डेयरी विभाग (DAHD) के अधीन आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता भारत सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) प्रो. अजय कुमार सूद ने की तथा उपाध्यक्षता DAHD के सचिव नरेश पाल गंगवार ने की। PSA कार्यालय की वैज्ञानिक सचिव डॉ. परविंदर मैनी, DHR के सचिव डॉ. राजीव बहल, DBT के सचिव डॉ. राजेश गोखले तथा ICMR, CDSCO, DBT, ICAR, PSA कार्यालय, भारतीय पशु चिकित्सा परिषद से अन्य वरिष्ठ अधिकारी और क्षेत्रीय विशेषज्ञों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान, AHD के सचिव ने वन हेल्थ फ्रेमवर्क के तहत मजबूत, प्रौद्योगिकी संचालित पशु स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र निर्माण में भारत की प्रगति पर प्रकाश डाला तथा विशेष रूप से फुट एंड माउथ डिजीज (FMD) और पेस्ट डेस पेटिट्स रुमिनेंट्स (PPR) के लिए रोग नियंत्रण से उन्मूलन की ओर बढ़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने NDLM और भारत पशुधन जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से टीकाकरण वितरण और सत्यापन में सुधारों पर भी बल दिया, जो पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को बढ़ाते हैं।
भारत सरकार की पशुपालन आयुक्त डॉ. नवीन बी. माहेश्वरप्पा ने विभाग की प्रमुख उपलब्धियों और आगे की राह पर विस्तृत प्रस्तुति दी। समिति ने टीकाकरण कार्यक्रमों, नियामक सुधारों, प्रयोगशाला सुदृढ़ीकरण और निगरानी प्रणालियों में प्रगति की समीक्षा की।
सदस्यों को रोग नियंत्रण कार्यक्रमों में प्रगति पर भी जानकारी दी गई, जिसमें 2020 से अब तक FMD के विरुद्ध 133 करोड़ से अधिक टीकाकरण शामिल हैं, जिससे रोग की व्यापकता और प्रकोप में उल्लेखनीय कमी आई है। PPR के प्रकोप 2019 में 98 से घटकर 2025 में 29 रह गए हैं, जो निरंतर राष्ट्रव्यापी टीकाकरण प्रयासों का परिणाम है। महामारी कोष परियोजना के तहत रोग निगरानी और निदान का समर्थन करने के लिए केंद्रीय एवं क्षेत्रीय रोग निदान प्रयोगशालाओं सहित प्रयोगशाला अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण पर भी प्रकाश डाला गया।
नियामक सुधारों पर, समिति ने पशु चिकित्सा दवाओं और टीकों के अनुमोदनों को तेज करने के लिए प्रक्रिया सुधारों तथा NANDI-SUGAM पोर्टल के साथ एकीकरण का स्वागत किया, जिससे प्रसंस्करण समय में उल्लेखनीय कमी आई है।
समिति ने यह भी नोट किया कि विभाग मौजूदा विधायी अंतरालों को दूर करने के लिए पशु चारा विनियमन के लिए राष्ट्रीय ढांचे के विकास की दिशा में कार्यरत है। समिति ने मुर्गी पालन क्षेत्र में WOAH-अनुरूप कम्पार्टमेंटलाइजेशन का विस्तार करने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि जैव-सुरक्षित उत्पादन प्रणालियों को मजबूत किया जा सके और निर्यात क्षमता बढ़ाई जा सके।
समिति ने विदेशी FMD उपभेदों और अफ्रीकी स्वाइन फीवर के लिए तैयारियों, NDLM पोर्टल पर पशु चिकित्सा अवसंरचना के मानचित्रण से महत्वपूर्ण अंतरालों की पहचान, पशु रोग तैयारियों पर राष्ट्रीय मॉक ड्रिल आयोजन सहित प्रमुख प्राथमिकताओं पर बल दिया। इसने टीका विकास और निदान में सार्वजनिक-निजी भागीदारी को मजबूत करने, DAHD के भीतर समर्पित निगरानी समन्वय तंत्र की खोज तथा मानव, पशु और पर्यावरणीय स्वास्थ्य क्षेत्रों में डेटा एकीकरण पर वन हेल्थ फ्रेमवर्क के तहत बेहतर निगरानी और प्रतिक्रिया के लिए जोर दिया।
समिति ने आत्मनिर्भर भारत का समर्थन करने तथा निर्यात क्षमता बढ़ाने वाले पारदर्शी, किसान-केंद्रित तथा वैश्विक स्तर पर संरेखित पशु स्वास्थ्य प्रणाली निर्माण के लिए भारत की प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।
