
RKTV NEWS/आरा (भोजपुर)29 मई। बुधवार को मानव अधिकार आयोग, नई दिल्ली के Special Monitor (कुष्ठ रोग) डॉ प्रदीप्ता कुमार नायक के अध्यक्षता में भोजपुर जिला के जिला स्तरीय पदाधिकारीयों एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ अंतर विभागीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित किया गया जिसमें डॉ शिवेन्द्र कुमार सिन्हा (सिविल सर्जन, भोजपुर). डॉ संजय कुमार सिन्हा (जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी/जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी, भोजपुर). आलोक कुमार गौतम (सहायक निदेशक बाल संरक्षण इकाई, भोजपुर), जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला प्रोगाम पदाधिकारी, ICDS, जीविका के प्रतिनिधि एवं डॉ दयानन्द कुमार राय, जिला कुष्ठ नियंत्रक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
सर्वप्रथम सदस्य मानव अधिकार आयोग, नई दिल्ली के द्वारा मानव अधिकार के विषय के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई, उनके द्वारा बताया गया कि कुष्ठ रोग का इतिहास बहुत प्राचीन है तथा इस रोग से ग्रसित व्यक्तियों की उचित चिकित्सा के अभाव में विकलांगता हो जाती है। विकलांग व्यक्तियों को समाज में बराबरी का दर्जा मिलना चाहिए तथा मानव अधिकार सभी मानव का अधिकार है।
ततपश्चात् जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी-सह-जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी द्वारा भोजपुर जिले में कुष्ठ रोग से ग्रसित व्यक्तियों के उपचार संबधित कई मानको पर चर्चा की गई तथा इन रोगियों के पुर्नवास के लिए किए गए कार्यों की चर्चा की गई। इस संबंध में जिले के विभिन्न विभाग द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई तथा आश्वासन दिया गया कि सभी योजनओं का लाभ कुष्ठ रोग से ग्रसित व्यक्तियों को मिले इसके लिए एक अंतर विभागिय शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान की जाएगी। कुष्ठ रोग की चिकित्सा वर्तमान में त्वरित पहचान तथा जल्दी ईलाज से विकलांगता का दर पिछले कुछ वर्षों से शून्य हो गया है। इनके पूर्नवास हेतु MCR Footwear तथा self-care Kit दिया जाता है। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा इन रोग से ग्रसित व्यक्तियों से प्रत्येक माह चिकित्सा शिविर का आयोजन कर उनकी समस्याओं का निवारण किया जाता है।
बैठक के अंत में सिविल सर्जन, द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।
