कलेक्टर ने किया बैरसिया अनुभाग का व्यापक भ्रमण, महिला समूहों से संवाद कर बढ़ाया उत्साह।
भोपाल/मध्यप्रदेश (मनोज कुमार प्रसाद)03 जून।कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने बुधवार को बैरसिया अनुभाग का व्यापक भ्रमण कर महिला सशक्तिकरण, पेयजल आपूर्ति, कौशल विकास और शिक्षा से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों एवं संस्थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत महिलाओं द्वारा किए जा रहे नवाचारों और आत्मनिर्भरता की दिशा में उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य लोगों को स्वावलंबी बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को सभी विकास कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
महिला समूहों से संवाद कर जाना सफलता का सफर
भ्रमण की शुरुआत विकासखंड बैरसिया प्रशिक्षण केंद्र से हुई, जहां कलेक्टर श्री मिश्रा ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत कार्यरत संकुल स्तरीय संगठनों (सीएलसी) की अध्यक्षों, उपाध्यक्षों एवं सचिवों के साथ बैठक की। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं से सीधे संवाद कर उनके कार्यों की जानकारी ली तथा उनकी उपलब्धियों की सराहना की।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि आजीविका मिशन केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने का अभियान है। उन्होंने महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे स्वयं ऋण लेकर स्वरोजगार गतिविधियों का विस्तार करें, अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाएं और आर्थिक रूप से मजबूत बनें।
बैठक के दौरान महिलाओं ने ‘बैंक सखी’, ‘टैक्स सखी’ और ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि मिशन से जुड़ने के बाद न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई है बल्कि परिवार और समाज में उनकी भूमिका भी सशक्त हुई है। कलेक्टर ने महिलाओं को वित्तीय प्रबंधन, डिजिटल लेन-देन और साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की ब्रांडिंग और विपणन पर विशेष ध्यान देने की बात कही ताकि उन्हें बेहतर बाजार और उचित मूल्य प्राप्त हो सके।
गांवों में शिक्षा और आजीविका को जोड़ने पर दिया जोर
कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और आजीविका को एक-दूसरे से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिस ग्राम में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से विद्यालयों के लिए परिवहन सुविधा प्रारंभ होगी, वे स्वयं वहां का दौरा करेंगे।
उन्होंने महिलाओं से सामाजिक नेतृत्व की भूमिका निभाने, स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने तथा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

