दोनों ब्रांड्स की पहुँच दुनियाभर के करीब 80 देशों में।
लखनऊ/उत्तर प्रदेश (एजेंसी PR 24× 7 )14 अप्रैल।सन् 1944 से आर्किटेक्चरल हार्डवेयर में भारत के सबसे चर्चित नाम हाउस ऑफ जॉली ने अपने हाउस ऑफ ब्रांड्स के विस्तार के साथ अपनी विकास की राह में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ा है। डिजाइन, इंजीनियरिंग और मटेरियल के जरिए गुणवत्ता की अपनी सोच पर कायम रहते हुए, जॉली ने दो डिजाइन-आधारित ब्रांड्स- एनरिको कैसिना और ओमपोरो के साथ जुड़ने का फैसला किया है, जिन्हें उनकी कारीगरी, टिकाऊपन, मटेरियल और डिजाइन को ध्यान में रखकर चुना गया है।
पंडित जीतेंद्र नाथ भार्गव ने आजादी से पहले भारत में जॉली की शुरुआत की थी। जॉली का लंबे समय से मानना रहा है कि हार्डवेयर, भले ही छोटा हो, किसी जगह की लाइफ और लंबे समय तक टिकाऊपन में अहम् भूमिका निभाता है। प्रिसिजन हिंज में शुरुआती महारत से लेकर आज भारत के सबसे बड़े आर्किटेक्चरल हार्डवेयर पोर्टफोलियो में से एक बनाने तक, इस ब्रांड का सफर सिर्फ स्केल से नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग की बेहतरीन गुणवत्ता और श्रेष्ठता से तय हुआ है। मौजूदा पीढ़ी, आदित्य और अक्षय भार्गव के नेतृत्व में, यह यह गुणवत्ता और श्रेष्ठता आज हर महत्वपूर्ण फैसले से जुड़ी होती है, जिसमें वैश्विक ब्रांड को अपने साथ जोड़ना भी शामिल है।
हाउस ऑफ जॉली के डायरेक्टर राजेश भार्गव ने कहा, “ऐसे समय में जब तेजी से विस्तार और कई साझेदारियाँ आम बात हैं, हाउस ऑफ जॉली ने एक बिल्कुल अलग रास्ता अपनाया है। कई अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के पीछे भागने के बजाए, ब्रांड ने सिर्फ उन्हीं कंपनियों का अधिग्रहण करने पर ध्यान दिया है, जो अपनी विरासत, कारीगरी की गहनता और डिजाइन के लिए मजबूत दृष्टिकोण अपनाती हैं।“
यह चयनात्मक नजरिया एनरिको कैसिना के अधिग्रहण में स्पष्ट दिखता है, जो दुनिया के सबसे पुराने और सबसे सम्मानित डेकोरेटिव हार्डवेयर मेसन (सन् 1850 में स्थापित) में से एक है, जिसकी जड़ें 19वीं सदी से हैं। सदियों पुरानी यूरोपियन आर्ट और आर्किटेक्चर से प्रेरित अपने क्लासिक और नियोक्लासिकल हैंडल के लिए मशहूर, एनरिको कैसिना विरासत की कारीगरी, मटेरियल की महारत और हमेशा पसंद किए जाने वाले ऐसे एस्थेटिक्स के लिए एक जैसा सम्मान दिखाता है, जिसे सिर्फ इटली में ही बनाया जा सकता है। हाउस ऑफ जॉली के तहत उसकी मौजूदगी भारतीय ग्राहकों और डिजाइनर्स को एक बेहतर वैश्विक डिजाइन लैंग्वेज से अवगत कराएगी, जो जॉली की अपनी विरासत से जुड़े एथोस के साथ स्वाभाविक रूप से मेल खाती है।
इस विरासत की कहानी को पूरा करता है ओमपोरो (ऑफिसिन मेकानिके पोरो), जो अल्फ्रेडो पोरो का बनाया हुआ एक आज के जमाने की ब्रांड अभिव्यक्ति है। उन्होंने 1946 में इटली के कुशियागो-कोमो में चाबियाँ बनाने में माहिर अपनी हाथ से बनी वर्कशॉप को एक स्ट्रक्चर्ड बिजनेस में बदलने का फैसला किया। ओमपोरो, फर्नीचर, पर्दे और सीढ़ियों सहित आर्किटेक्चरल हार्डवेयर के सभी एलिमेंट्स में बेहतरीन धातुओं की कारीगरी और डिटेलिंग का एक ऐसा लेवल लाएगा, जो अब तक भारत में नहीं देखा गया।
दोनों ब्रांड्स वैश्विक दिग्गज हैं और दुनिया भर के 80 देशों में उनके पास खास ग्राहकों की लिस्ट है।
एक पोर्टफोलियो के साथ जिसमें कंसील्ड हिंज, प्रीमियम मोर्टिस हैंडल, एडवांस्ड मैकेनिकल और डिजिटल लॉकिंग सिस्टम, वॉर्डरोब और किचन हार्डवेयर और प्रिसिजन-इंजीनियर्ड फिटिंग्स शामिल हैं, हाउस ऑफ जॉली आर्किटेक्ट्स, डिजाइनर्स, कॉन्ट्रैक्टर्स और समझदार घर के मालिकों को एक पूरा और भरोसेमंद हार्डवेयर यूनिवर्स देना जारी रखे हुए है, जो विरासत में जुड़ा है और वैश्विक ग्लोबल समझ से ऊपर है।
आगामी योजनाओं के संदर्भ में हाउस ऑफ जॉली सोच-समझकर आगे बढ़ने, चुनिंदा साझेदारियाँ करने और ऐसे ब्रांड्स के जरिए आर्किटेक्चरल हार्डवेयर के भविष्य को आकार देने के लिए प्रतिबद्ध है जो इतिहास के लिए उसका सम्मान, गुणवत्ता के लिए वचनबद्धता और इस विश्वास को साझा करते हैं कि फाइनेस्ट डिटेल्स लंबे समय तक चलने के लिए बनाई जाती हैं।

