वित्तीय समावेशन एवं विकास योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत मंथन।

जिले के समग्र प्रदर्शन को सुदृढ़ बनाने हेतु दिए निर्देश।

PMJJBY के अंतर्गत 5 लाभुकों को सांकेतिक चेक वितरण।
RKTV NEWS/गढ़वा (झारखंड)24 मार्च।समाहरणालय गढ़वा के सभागार में उपायुक्त के निदेशानुसार उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा की अध्यक्षता में जिला परामर्शदात्री समिति के तृतीय त्रैमासिक (2025-26) की समीक्षात्मक बैठक संपन्न की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त द्वारा पूर्व में दिए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की गई, जिसके उपरांत उन्होंने गढ़वा जिला अंतर्गत सभी बैंकों का सीडी रेशियो, वार्षिक साख योजना (एसीपी) 2025-26, केसीसी, पीएमईजीपी, एमएसएमई, पीएमएफएमई, महिला लखपति किसान योजना (दीदी लखपति योजना), आरसेटी, फिनांसियल इनक्लूजन समेत अन्य योजनाओं एवं विषयों को लेकर समीक्षा किया। बैठक में बैंकों को अच्छे प्रदर्शन करने को कहा गया एवं निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने हेतु निर्देश दिए गए।
उप विकास आयुक्त ने सभी बैंकों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने को कहा। उन्होंने जनहित को ध्यान में रखते हुए बैठक में उपस्थित सभी बैंकों के पदाधिकारियों को सरकार द्वारा चलाए जा रहे योजनाओं यथा- पीएमईजीपी, केसीसी, मुद्रा ऋण समेत अन्य का लाभ अधिक से अधिक लाभुकों तक पहुँचाने हेतु सक्रियता से कार्य करने का निर्देश दिया। उप विकास आयुक्त श्री मिश्रा ने केसीसी एवं पीएम किसान को लेकर प्राप्त आंकड़ों के आधार पर विभिन्न बैंकों एवं शाखाओं को पीएम किसान के लंबित आवेदन को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत करते हुए इसका पूर्णत: लाभ लाभुकों को दिलाने का निर्देश दिया। किसानों के लिए केसीसी की प्रक्रिया सरल बनाने हेतु संबंधित बैंक के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया गया। बैठक के दौरान CD RATIO की समीक्षा की गई। जिला का CD RATIO वित्तीय वर्ष 2025-26 की द्वितीय तिमाही की समाप्ति पर 44.08% था, जो अब बढ़कर 2025-26 की तृतीय तिमाही दिसम्बर’ 2025 तक 46 % हो गया है। इसके आधार पर बेहतर/निराशाजनक प्रदर्शन करने वाले पाँच-पाँच बैंकों की सूची तैयार गई, बेहतर प्रदर्शन करने वाले टॉप फाइव बैंक्स- उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक एवं आइसीआइसीआइ बैंक शामिल है। वहीं दूसरी और बॉटम फाइव बैंक्स- पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया, आईडीबीआई बैंक एवं इंडियन बैंक शामिल है, जिन्होंने सीडी रेश्यो में निराशाजनक प्रदर्शन किया है। पुअर परफॉर्मेंस करने वाले बैंकों को अपने कार्य प्रणाली में सुधार करते हुए दिए गए लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु बेहतर कार्य करने की बात कही गई। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना की भी समीक्षा की गई एवं योजना से लाभुकों को आच्छादित करने में तेजी लाने का निदेश दिया।
इसके अतिरिक्त बैठक के दौरान ACP (Annual Credit Plan) की प्रगति तथा लक्ष्य उपलब्धि की समीक्षा, PMEGP एवं PMFME योजनाओं की प्रगति, स्वीकृति एवं ऋण उपलब्धता, Financial Inclusion/Social Security Schemes under TFIIP की अद्यतन स्थिति, BC Outlets का संचालन विशेषकर ग्राम पंचायत भवनों में सेवाओं की उपलब्धता, बैंक रहित ग्रामीण केंद्रों (URC) में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार को प्राथमिकता, SARFAESI मामलों की प्रगति और त्वरित कार्रवाई पर जोर, RSETI की समीक्षा, PM SWANIDHI, PMJDY, PMEGP, PMFME, Mudra Loan, Location change of CSP, गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना तथा स्वयं सहायता समूह (SHG) आदि की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान मौके पर ही उप विकास आयुक्त श्री मिश्रा एवं अन्य पदाधिकारीगण तथा उपस्थित जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत कुल 5 लोगों के बीच दो-दो लाख रुपए के डम्मी चेक प्रदान किए गए। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत सहायता राशि प्राप्त करने वालों में तेतरी देवी, झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक, मंझिआंव, अली रजा अंसारी, एसबीसी, नगर ऊंटारी, अशोक पाल एवं नन्दलाल पाल, एसबीसी भवनाथपुर तथा कृष्णा विश्वकर्मा झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक, डंडई के नाम शामिल है।
उप विकास आयुक्त ने सभी विभागों एवं बैंक अधिकारियों से अपेक्षा की कि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुँच बढ़े, जिससे कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का शत-प्रतिशत कवरेज हो सके। उद्यमिता को भी बढ़ावा मिले और वित्तीय समावेशन के लक्ष्य निर्धारित समय सीमा में प्राप्त किए जाएँ। उन्होंने कहा कि “जिले का प्रदर्शन तभी उत्कृष्ट माना जाएगा जब लाभार्थी योजनाओं का वास्तविक लाभ समय पर प्राप्त करें और सेवा प्रदायगी की गुणवत्ता सतत बेहतर होती रहे।
उक्त बैठक में उपरोक्त के अतिरिक्त माननीय सांसद एवं विधायक प्रतिनिधियों समेत डीडीएम नाबार्ड, जिला अग्रणी प्रबंधक, आरसेटी प्रभारी, जिला उद्योग केंद्र पलामू सह गढ़वा के पदाधिकारी, सभी बैंकों के प्रतिनिधि समेत अन्य संबंधित उपस्थित थें।


