सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित नाटक “विक्रमोत्सव” का गांधी हॉल में हुआ मंचन।

भारतीय पंचांग विक्रम संवत की शुरुआत करने वाले सम्राट विक्रमादित्य की गौरव गाथा।

मंत्री सिलावट एवं महापौर भार्गव द्वारा भगवान सूर्य को अर्ध देकर किया शुभारंभ।
इंदौर/मध्यप्रदेश (मनोज कुमार प्रसाद) 19 मार्च।जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश और देश प्रगति और विकास के पथ पर तेजी से अग्रसर है। वर्ष-2047 तक हमें भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री के नेतृत्व में भारत विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है। इसके लिए हमें सतत प्रयास करने की आवश्यकता है। मंत्री श्री सिलावट ने वर्ष प्रतिपदा एवं विक्रम संवत 2083 के शुभारंभ अवसर पर सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह केवल एक दिवस नहीं होकर एक पर्व है और हम सभी को इस पर गर्व होना चाहिए। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि प्रगति, विकास, संस्कृति, आस्था को लेकर संकल्प को दृष्टिगत रखते हुए आज प्रदेश में गुड़ी पड़वा पर्व बड़े हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है। मंत्री श्री सिलावट गुरुवार को सुबह गांधी हॉल परिसर में आयोजित सृष्टि आरंभ दिवस (वर्ष प्रतिपदा) एवं विक्रम संवत् 2083 के शुभारंभ अवसर पर अपना मुख्य संबोधन दे रहे थे। आयोजन के तहत प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों में आयोजित विक्रमोत्सव के तहत कोटि सूर्योपासना के क्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सूर्य को अर्ध देकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विधायक महेंद्र हाडिया, कलेक्टर शिवम वर्मा, निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, पार्षद गजानंद गावडे, भारत रघुवंशी, राजीव जैन, अपर आयुक्त नरेंद्र नाथ पांडे सहित बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्रा एवं प्रधान अध्यापक उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान शहर के विभिन्न स्कूलों से आए छात्र-छात्राओं के लिए स्वल्पाहार की भी व्यवस्था की गई।
कार्यक्रम के दौरान सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित नाटक “विक्रमोत्सव” का भव्य मंचन किया गया, जिसमें उनकी वीरता, न्यायप्रियता और सांस्कृतिक उत्थान में उनके योगदान को दर्शाया गया। करीब 40 मिनट अवधि के इस नाटक ने दर्शकों को ऐतिहासिक गौरव से ओत-प्रोत कर दिया और उपस्थित जनसमुदाय ने इसे भरपूर सराहा।
शासन निर्देशानुसार रंगरूपिया थिएटर के रवि जोशी एवं उनकी टीम द्वारा सम्राट विक्रमादित्य के जीवन एवं गौरव गाथा पर केंद्रित पर आधारित नाटक का मंचन हुआ।
इस अवसर पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नागरिकों को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। साथ ही भारतीय संस्कृति में सूर्योपासना के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने जो विक्रम संवत की शुरुआत की थी। वह देश नहीं दुनिया में भी आज भी माना जाता है, जिसके आधार पर भारत की भौगोलिक स्थिति के अनुरूप संचालित पंचांग एवं संस्कृति को समझने का काम किया है। महापौर भार्गव ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य भारत की गौरवशाली परंपराओं को पुनर्जीवित करना और जनमानस को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना था।
उक्त आयोजन मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग मंत्रालय के स्वराज संस्थान संचालनालय भोपाल, जिला प्रशासन एवं नगर निगम इंदौर के सहयोग से आयोजित किया गया था।


