
RKTV NEWS/दुमका (झारखंड)18 मार्च।दुमका के इंडोर स्टेडियम में रेशम उत्पादकों के लिए प्रमंडलस्तरीय एकदिवसीय कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत दीप प्रज्वलित कर की गई। कार्यशाला में बड़ी संख्या में तसर उत्पादक कृषक, विभागीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने कहा कि दुमका जिला तसर उत्पादन के क्षेत्र में पूरे देश में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है, जो हम सभी के लिए गर्व और खुशी का विषय है। उन्होंने कहा कि यह पहचान वर्षों की मेहनत, पारंपरिक ज्ञान और किसानों की प्रतिबद्धता का परिणाम है। अब आवश्यकता है कि तसर उत्पादन को केवल कच्चे उत्पाद तक सीमित न रखकर उसमें वैल्यू एडिशन किया जाए, ताकि स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिल सके।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि रेशम उत्पादकों की आय में सतत वृद्धि हो। इसी दिशा में रामगढ़ प्रखंड में सिल्क क्लस्टर विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे उत्पादन, प्रसंस्करण, प्रशिक्षण एवं विपणन की समेकित व्यवस्था स्थापित की जा सके। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध हो सकेगा।
उन्होंने आगे कहा कि मयूराक्षी सिल्क को और अधिक विस्तारित एवं सशक्त बनाने की दिशा में भी ठोस प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि ब्रांड को व्यापक पहचान मिले और दुमका के उत्पाद देशभर में अपनी गुणवत्ता के लिए जाने जाएं।
उपायुक्त ने उपस्थित किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे इस कार्यशाला का अधिकतम लाभ उठाएं, नई तकनीकों एवं आधुनिक तरीकों की जानकारी प्राप्त करें और सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी लेकर उनका लाभ लें। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण, नवाचार और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ही उत्पादन क्षमता और आय में वृद्धि संभव है।
उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर दुमका को “सिल्क सिटी” के रूप में स्थापित करने की दिशा में संगठित रूप से कार्य करें। यह केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि जिले की आर्थिक समृद्धि और किसानों के सशक्तिकरण का माध्यम है।
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त द्वारा तसर उत्पादन से जुड़े उत्कृष्ट कृषकों को सम्मानित भी किया गया, जिससे किसानों का उत्साहवर्धन हुआ।
