
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)04 अगस्त। महंथ महिला महाविद्यालय, आरा के कला प्रेक्षागृह में सोमवार को भोजपुरी पेंटिंग प्रदर्शनी-सह-सेमिनार का आयोजन हुआ। आसरा सेवा केन्द्र और प्रभाव क्रिएटिव सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम में भोजपुरी लोककला को संरक्षित कर बाजार से जोड़ने पर जोर दिया गया।प्रदर्शनी का उद्घाटन पद्मश्री श्याम शर्मा ने अशोक कुमार सिन्हा, पृथ्वीराज सिंह, भीम सिंह भवेश, प्राचार्य डॉ. नरेंद्र प्रताप पालित, गुड्डू सिंह बबुआन और सुनील पाठक सहित अन्य अतिथियों की उपस्थिति में किया। सभी अतिथियों को अंगवस्त्र और स्मृति-चिह्न भेंट किए गए।
अध्यक्षीय भाषण में प्राचार्य प्रो नरेंद्र प्रताप पालित ने कहा कि भोजपुरी पेंटिंग में गीआइटैग मिलना भोजपुर वासियों के लिए गौरव की बात है ।इससे हमारे कलाकारों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी और रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेगी।लगभग 40 पेंटिंग और लोककला वस्तुओं की प्रदर्शनी में 25 कलाकारों ने भोजपुरी जीवन और संस्कृति को दर्शाया।सेमिनार में श्याम शर्मा ने कला के प्रचार पर सुझाव दिए, जबकि पृथ्वीराज सिंह ने कहा कि यह कला जीवन-दर्शन से जुड़ी है और इसके लिए समय अनुकूल है। अशोक कुमार सिन्हा ने इसे महत्वपूर्ण शुरुआत बताते हुए राष्ट्रीय पहचान की संभावना जताई।रौशन राय ने इसके विकास की दिशा पर चर्चा की, वहीं बीरेंद्र कुमार सिंह ने स्थानीय अपनत्व को जरूरी बताया। अभय विश्वास भट्ट ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में भोजपुरी कला को स्थान मिलने से इसे नई पहचान मिलेगी।प्रदर्शनी में भास्कर मिश्र, सुरेश कुमार पाण्डेय, कृष्णेंदु और अनुप औलिक सहित कई कलाकारों ने सराहना की। कार्यक्रम में अनेक कलाकारों की कृतियां प्रदर्शित हुईं। अंत में सभी को प्रमाण-पत्र दिए गए और कमलेश कुंदन ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
