भोजपुर जिले के संघर्षशील गरीबों, लोकतांत्रिक आंदोलन और भाकपा-माले ने अपना एक समर्पित साथी खोया: अभ्युदय
आरा/ भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)04 अगस्त।भाकपा-माले के वरिष्ठ साथी,भोजपुर के जनसंघर्षों के अग्रणी योद्धा,14 अप्रैल 1970 को आरा में कॉ.मास्टर जगदीश की अगुआई में हरिजनिस्तान की मांग पर आयोजित ऐतिहासिक रैली के प्रमुख संगठकों में शामिल तथा भोजपुर में भाकपा-माले के निर्माण की नींव रखने वाले साथी, इंदिरा गांधी की निरंकुशता के खिलाफ 1974 के जनांदोलन के सक्रिय नेता और वर्ष 2000 के बिहार विधानसभा चुनाव में आरा से भाकपा-माले के प्रत्याशी रहे कॉ. लताफत हुसैन का सोमवार प्रातः लगभग 3 बजे उनके आरा स्थित आवास पर निधन हो गया!वे 79 वर्ष के थे!दो माह पूर्व उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ था,जिसके बाद से उनका इलाज चल रहा था!
भाकपा माले केन्द्रीय कमेटी सदस्य व भोजपुर जिला सचिव अभ्युदय ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके संघर्षों को याद किया और कहा कि कॉ. लताफत हुसैन का पूरा जीवन गरीबों, मेहनतकशों,दलितों,वंचितों और लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई के लिए समर्पित रहा! भोजपुर के किसान-आंदोलन और वामपंथी जनसंघर्षों के इतिहास में उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा!उन्होंने कठिन से कठिन दौर में भी जनपक्षधर राजनीति और सामाजिक न्याय के मूल्यों से कभी समझौता नहीं किया!वे संघर्ष,सादगी, प्रतिबद्धता और जनसेवा के प्रतीक थे!
उनके निधन से भोजपुर जिले के संघर्षशील गरीबों,लोकतांत्रिक आंदोलन और भाकपा-माले ने अपना एक समर्पित साथी एवं हमदर्द खो दिया है!उनका जाना पार्टी और जनआंदोलन के लिए अपूरणीय क्षति है
भाकपा-माले दिवंगत कॉ. लताफत हुसैन को लाल सलाम एवं भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करती है तथा शोकाकुल परिजनों,मित्रों और उनके सभी साथियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है!पार्टी इस दुख की घड़ी में उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है!
यह जानकारी भाकपा-माले जिला कार्यालय सचिव दिलराज प्रीतम ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पत्रकारों को दी!

