
आरा/भोजपुर( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)12 मार्च।विभिन्न स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर यह जानकारी सामने आई है कि जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी गैस के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में उपयोग तथा गैस सिलेंडर की प्राप्ति को लेकर लाभुकों को कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही कुछ स्थानों पर रसोई गैस की उपलब्धता एवं वितरण के संबंध में भ्रामक प्रचार-प्रसार किए जाने तथा कालाबाजारी की आशंका भी व्यक्त की जा रही है। इन सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी भोजपुर तनय सुल्तानिया ने मामले की जांच कराने का निर्देश दिया है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जिले में एलपीजी गैस की बिक्री एवं वितरण में किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी, अधिक मूल्य वसूली अथवा अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए गैस एजेंसियों की जांच हेतु प्रखंडवार पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे दिनांक 12 मार्च 2026 से अपने-अपने प्रखंड क्षेत्र में संबंधित गैस एजेंसियों की संयुक्त रूप से सघन जांच करेंगे तथा वितरण व्यवस्था का निरीक्षण करेंगे।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा है कि यदि किसी गैस वितरक अथवा व्यक्ति द्वारा एलपीजी गैस की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, जमाखोरी या अनियमित बिक्री करते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध Essential Commodities Act, 1955 की धारा 3, 6ए एवं 7 के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संबंधित पदाधिकारी जांच के बाद की गई कार्रवाई का प्रतिवेदन जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएंगे। इसके अतिरिक्त सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने-अपने अनुमंडल क्षेत्र में गैस की आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखने का भी निर्देश दिया गया है।
