कुलपति प्रो. डॉ. लवली शर्मा ने विद्यार्थियों की सृजनात्मकता को सराहा, श्रेयश त्रिपाठी ने प्राप्त किया प्रथम स्थान।
खैरागढ़/छत्तीसगढ़ (रवींद्र पांडेय) 20 जनवरी। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में डॉ. भीमराव आंबेडकर की जीवनी पर आधारित चित्रकला कार्यशाला के विजेताओं को आज पुरस्कृत किया गया। कल आयोजित इस कार्यशाला में चित्रकला विभाग के 52 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागियों ने अपनी कल्पनाशीलता, सृजनात्मक दृष्टिकोण और कलात्मक कौशल के माध्यम से डॉ. आंबेडकर के जीवन, संघर्षों और विचारों को कैनवास पर प्रभावशाली ढंग से उकेरा।
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में सहायक प्राध्यापक डॉ. रबी नारायण गुप्ता, डॉ. छगेंद्र उसेंडी, संदीप किंडो एवं कपिल सिंह वर्मा शामिल थे, जिनकी समीक्षा के आधार पर श्रेष्ठ कृतियों का चयन किया गया। कुल सहभागियों में से पांच विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु पुरस्कृत किया गया। विजेताओं में श्रेयश त्रिपाठी ने प्रथम, श्रुति साहू ने द्वितीय, पुष्पेंद्र कुमार केंवट ने तृतीय, अनमोल गोयल ने चतुर्थ तथा अंकित कुमार साहू ने पांचवां स्थान प्राप्त किया। सभी विजेताओं को पुरस्कार स्वरूप नगद राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। आयोजन में प्रथम पुरस्कार 10 हजार रु., द्वितीय पुरस्कार 7 हजार रु., तृतीय पुरस्कार 5 हजार रु., चतुर्थ पुरस्कार 3 हजार रु. तथा पंचम पुरस्कार 2 हजार रु. निर्धारित था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. डॉ. लवली शर्मा ने विद्यार्थियों की लगन और तल्लीनता की सराहना करते हुए कहा कि निरंतर परिश्रम से ही सफलता प्राप्त होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को ईमानदारी से अपने विषय में आगे बढ़ने तथा अपने परिवार एवं विश्वविद्यालय का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। आंबेडकर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के राष्ट्रीय अध्यक्ष रुसेन कुमार ने अपने संबोधन में कला के माध्यम से सामाजिक विचारों को अभिव्यक्त करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस आयोजन के लिए कला के क्षेत्र का चयन इसलिए किया गया ताकि युवा कलाकार नई सोच के साथ निरंतर अभ्यास करते हुए श्रेष्ठ कलाकार बन सकें। कार्यक्रम का सफल आयोजन डॉ. विकास चंद्रा, सहायक प्राध्यापक चित्रकला विभाग के संयोजन में किया गया। अंत में सहायक प्राध्यापक कपिल सिंह वर्मा ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, निर्णायकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

