
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)16 मई।इफको एवं कृषि विज्ञान केन्द्र भोजपुर के संयुक्त तत्वावधान में आरा में सहकारी बिक्री केंद्र प्रभारियों एवं किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. नीरज कुमार उपस्थित रहे। उन्होंने खेती में नैनो उर्वरकों के प्रयोग को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि इससे फसलों की उत्पादकता बढ़ती है, लागत घटती है तथा पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलती है। उन्होंने समितियों को खाद का समय पर उठाव सुनिश्चित करने एवं पीओएस मशीन के माध्यम से नियमित बिक्री करने का निर्देश दिया।इस अवसर पर केवीके, आरा की वरीय वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. शोभा रानी ने मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए संतुलित उर्वरक प्रयोग, जैव उर्वरकों के उपयोग तथा उनके पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव की विस्तृत जानकारी दी। वहीं इफको बिहार के राज्य विपणन प्रबंधक डॉ. ए.के. श्रीवास्तव ने नैनो उर्वरकों के वैज्ञानिक उपयोग, ड्रोन तकनीक द्वारा छिड़काव, मृदा परीक्षण एवं वैकल्पिक उर्वरकों के महत्व पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम में वैज्ञानिक डॉ. सच्चिदानंद सिंह एवं डॉ. ए.के. मौर्या ने जैविक खेती एवं समेकित पोषक तत्व प्रबंधन (आईएनएम) अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।इस दौरान इफको बिहार के प्रबंधक राजीव लोचन, इफको भोजपुर के क्षेत्र प्रतिनिधि शिशिर कुमार सिंह तथा बिस्कोमॉन आरओ भोजपुर के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
