बेदाग़ राजनेता थे दुबे जी:प्रो.बलिराज ठाकुर
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)15 जनवरी।पूर्व मुख्यमंत्री पं विन्देश्वरी दुबे की जयंती उनके प्रतिमा स्थल के समीप स्मारक समिति के तत्वावधान में मनाई गई ।कार्यक्रम की अध्यक्षता भोजपुर जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष,सीनेटर प्रो.बलिराज ठाकुर ने की ।सर्वप्रथम उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ ।मुख्य अतिथि बिहार सरकार के पूर्व मंत्री विजय शंकर दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय राजनीति की शुद्धिकरण,प्रखरता एवं निरंतरता बनाए रखने के लिए पंडित विन्देश्वरी दुबे की जयंती मनाने,उनके बताए मार्ग की चर्चा करना आज की जरूरत है ।उन्होंने कहा कि आज राजनीति से व्यक्तिवाद,जातिवाद एवं संकीर्णताओं,को समाप्त करने की आवश्यकता है।राजनीति को बेरोजगारी दूर करने,ग़रीबी उन्मूलन करने एवं समाज को सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया जाना चाहिए ।इन सभी मूल्यों को मजबूत करने की लड़ाई स्वर्गीय विन्देश्वरी दुबे निरंतर करते रहे ।
अध्यक्षीय वक्तव्य में प्रो.बलिराज ठाकुर ने कहा कि आज राजनीति व्यापार की वस्तु बन गई है ।अच्छे लोग,विद्वान लोग दूर हटते जा रहे हैं ।प्रो.ठाकुर ने कहा कि दुबे जी श्रमिकों के मसीहा और उनके प्राण थे।ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानी से प्रेरणा लेने की जरूरत है ।पूर्व प्राचार्य डॉ.योगेन्द्र सिंह और मालती पांडेय ने विशेष रूप से दुबे जी के राजनीतिक और सामाजिक जीवन पर प्रकाश डाला।उक्त अवसर पर कुमार सत्यम दुबे,शशिकांत तिवारी,राजेश रूद्राक्ष,रामजी तिवारी,शिवदास सिंह,राजेन्द्र तिवारी,शिवजी उपाध्याय,नागेंद्र मिश्रा,दिलीप पांडेय,नंद किशोर सिंह,मंटू सिंह,जनमेजय ओझा,हरिश उपाध्याय,राजेन्द्र ओझा,जनार्दन राय,कृष्ण यादव,वीरेंद्र मिश्रा ने दुबे जी की महानता पर प्रकाश डाला ।संचालन पंकज ठाकुर व धन्यवाद ज्ञापन शशिकांत तिवारी ने किया।

