
RKTV NEWS/देवघर (झारखंड)11 जनवरी।उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा की अध्यक्षता में झारखण्ड स्टेट लाईवलीहुड प्रमोशन सोसाईटी (जेएसएलपीएस) द्वारा जिला, प्रखण्ड, पंचायत स्तर पर किये जा रहे विभिन्न कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक का आयोजन शनिवार को समाहरणालय सभागार में किया गया। इस दौरान उपायुक्त ने देवघर जिला अन्तर्गत 194 पंचायतों में जेएसएलपीएस द्वारा किये जा रहे कार्यों के अलावा स्वयं सहायता समूह से दीदियों को जोड़ने हेतु किये जा रहे कार्यों को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक व उचित दिशा-निर्देश दिया गया। साथ ही उपायुक्त ने नये समाहरणालय परिसर में दीदी कैफे व पलास मार्ट खोलने को लेकर जेएसएलपीएस के डीपीएम को आवश्यक व उचित दिशा-निर्देश दिया गया। आगे बैठक में उपायुक्त ने जिले में संचालित स्वयं सहायता समूहों, पलाश दीदी कैफे, पलाश मार्ट और समूह आधारित आजीविका गतिविधियों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा आगामी कार्ययोजनाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इसके अलावा बैठक के दौरान उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने ग्रामीण क्षेत्र के महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा एसजीएच समूह से जोड़ने का निदेश दिया। साथ ही पंचायतों में वैसे सखी मंडल समूहों को चिन्हित करने का निदेश दिया, जो कि सक्रिय रूप से कार्य नहीं कर रही हैं। आगे उपायुक्त ने समय-समय पर स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण दिलाने के अलावा एसजीएच ग्रुप को और सशक्त व बड़ा बनाने का निदेश दिया। आगे बैठक के दौरान उपायुक्त ने सखी मंडल की दीदियों को कैश क्रेडिट लोन, बैंक लिंकेज, आरएफ आदि कार्याे को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। साथ ही उपायुक्त ने जेएसएसपीएस द्वारा किये जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए दीदी बगिया योजना, दीदी बारी योजना, बिरसा हरित ग्राम योजना, मुद्रा लोन की स्थिति, क्रेडिट लिंकेज, फूलो झानो आर्शीवाद योजना, ऑग्रेनिक फार्मिंग, कुकुट पालन, मशरूम उत्पादन, दोना-पत्तल निर्माण, पोल्ट्री फॉर्म एवं दीदियों द्वारा किये जा रहे बांस, मिट्टी व लोहे के कार्यों की अद्यतन स्थिति से अवगत हुए। आगे उपायुक्त ने।जेएसएलपीएस के तत्वावधान में एकीकृत कृषि संकुल योजना के तहत आजीविका संसाधन केंद्र बनाने की दिशा में कार्य करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया, ताकि आजीविका संसाधन केंद्र ग्रामीण महिलाओं व किसानों के लिए एक सशक्त मंच के रूप में कार्य करें। ज्ञात हो कि आजीविका संसाधन केंद्र के माध्यम से किसानों व समूह की दीदियों को एक ही छत के नीचे अनेक सुविधाएं मिलेगी। इसमें मिट्टी जांच, कृषि व पशुपालन से संबंधित प्रशिक्षण, उर्वरक व कीटनाशक की उपलब्धता, कृमिकरण व पशु टीकाकरण, गुणवत्तापूर्ण बीज वितरण, कृषि मशीनीकरण, आधुनिक औजार, प्रसंस्करण सुविधा आदि शामिल है।
बैठक के दौरान उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने स्वयं सहायता समूहों को बेहतर व बड़ा बनाने के साथ ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को जेएसएलपीएस के समूह से जोड़ते हुए सशक्त व आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य करें। साथ ही उपायुक्त ने दीदियों द्वारा निर्मित उत्पाद को बेहतर बनाने के उदेश्य से आधुनिक प्रशिक्षण दिलाना सुनिश्चित करें, जिससे की बेहतर ब्रांडिंग व बाजार दीदियों को मिल सके। आगे उपायुक्त ने निर्देश दिया कि आर्थिक संयोजन प्राप्त सभी स्वयं सहायता समूहों द्वारा वर्तमान में संचालित आजीविका गतिविधियों की विस्तृत सूची तैयार की जाए। साथ ही प्रत्येक पंचायत में 20 से 25 स्वयं सहायता समूहों का चयन कर समूह आधारित आर्थिक गतिविधि निर्धारित करते हुए चरणबद्ध तरीके से एक-एक समूह को आर्थिक रूप से सशक्त किया जाए, ताकि महिलाओं की आय में स्थायी वृद्धि हो सके। साथ दीदियों द्वारा निर्मित सामग्रियों की सूची तैयार करें, ताकि बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा सके। साथ ही जिले में आयोजित होने वाले सरस मेला को लेकर आवश्यक व उचित दिशा निर्देश दिया।
जेंडर सीआरपी को प्रखंड व पंचायत स्तर पर एक्टिव करने की आवश्यकता:उपायुक्त
बैठक के दौरान उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने जेंडर सीआरपी चयन को लेकर डीपीएम जेएसएलपीएस को आवश्यक व उचित दिशा निर्देश दिया, ताकि मुख्य रूप से गांव समाज में हो रहे जेंडर संबंधित समस्याओं को दूर करने के लिए इनका सहयोग लिया जा सके और जेंडर संबंधित समस्याओं जैसे मानव तस्करी बाल विवाह बल मजदूरी भ्रूण हत्या दहेज उत्पीड़न आदि समस्याओं को उजागर करके उसका निदान किया जा सके।
बैठक के दौरान उपरोक्त के अलावे उप विकास आयुक्त पियूष सिन्हा, डीपीएम, सहायक जनसम्पर्क पदाधिकारी, डीएमएफटी की टीम, सभी प्रखण्डों के बीपीएम, जेएसएलपीएस अधिकारी व कर्मी आदि उपस्थित थे।
