
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)09 जनवरी।वेदांता ग्रुप के फाउंडर अनिल अग्रवाल अपने एकलौता पुत्र अग्निवेश की मृत्यु पर मार्मिक पोस्ट किया।
अनिल अग्रवाल ने अपनी पोस्ट को साझा करते हुए लिखा..
आज मेरे जीवन का सबसे दर्दनाक दिन है।
मेरा अग्निवेश 49 साल का बेटा, हमारे बीच नहीं रहा। एक बाप के कंधे पर बेटे की अर्थी जाये इससे बुरा और क्या हो सकता है।
अग्निवेश अपने दोस्त के साथ अमेरिका में skiing करने गया था। वहां accident हो गया। वो Mount Sinai Hospital, New York में ठीक हो रहा था। हमें लगा सब ठीक हो जाएगा… लेकिन अचानक cardiac arrest हो गया और छोड़कर चला गया।
3 जून 1976 को पटना में जब अग्नि हमारी दुनिया में एक middle class Bihari परिवार में जन्मा था।उसने Mayo College, Ajmer में पढ़ाई की। बेहद strong personality ,boxing champion, horse riding का शौकीन, और कमाल का musician। उसने Fujeirah Gold जैसी शानदार कंपनी खड़ी की और Hindustan Zinc का Chairman भी बना।
मैं और किरन टूट से गए हैं। बस यही सोच रहे हैं कि हमारा बेटा तो चला गया। लेकिन जो लोग हमारे वेदांता में काम करते हैं, वो सब अग्निवेश ही तो हैं। वो सब हमारे बेटे-बेटियां हैं। वो हमेशा कहता था – “पापा, हमारे देश में क्या नहीं है? फिर हम किसी से पीछे क्यों रहें?”
*हमारी दिली इच्छा यही रही कि देश का कोई बच्चा भूखा न सोए, कोई अनपढ़ न रहे, हर महिला अपने पैरों पर खड़ी हो,और सभी युवाओं को रोज़गार मिले।
मैंने अग्निवेश से वादा किया था हमारे पास जितना भी धन आएगा, उसका 75% से ज्यादा समाज के काम में लगायेंगे। आज फिर वो वादा दोहराता हूँ। अब और भी सादगी से जीवन जीऊंगा। और अपनी बाकी जिंदगी इसी में लगा दूंगा।अभी तो साथ मिलकर बहुत कुछ करना था अग्नि।
तुम्हारे बिना ज़िंदगी हमेशा अधूरी रहेगी, लेकिन तुम्हारे सपने अधूरे नहीं रहने दूंगा।
