
RKTV NEWS/पटना (बिहार)28 जुलाई।उद्योग विभाग के अंतर्गत MSME निदेशालय द्वारा राज्य की नई MSME नीति के निर्माण की दिशा में तैयारियाँ तेज़ कर दी गई हैं। इसी क्रम में मंगलवार को MSME निदेशालय के निदेशक अमन समीर की अध्यक्षता में प्रस्तावित नई MSME नीति के प्रारूप (Draft Policy) पर विस्तृत विचार-विमर्श हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में राज्य के प्रमुख उद्योग एवं व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेते हुए बिहार में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र को अधिक सशक्त, प्रतिस्पर्धी एवं निवेश-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से अनेक महत्वपूर्ण सुझाव दिए। प्रतिभागियों ने MSME पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) को और मजबूत करने, उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप नीति तैयार करने पर अपने विचार साझा किए।
बैठक में बिहार राज्य उद्यमी व्यवसायिक आयोग के अध्यक्ष सुरेश रूंगटा, बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़ के अध्यक्ष पी. के. अग्रवाल, बिहार इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन के अध्यक्ष रामलाल खेतान, बिहार महिला उद्योग संघ की कार्यकारी निदेशक साधना झा, लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष श्याम सुंदर भीमसेरिया तथा MSME-Development & Facilitation Office (MSME-DFO) के निदेशक आर. के. चौधरी सहित अन्य उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए MSME निदेशालय के निदेशक अमन समीर ने कहा कि नई MSME नीति का अंतिम प्रारूप सभी हितधारकों से प्राप्त सुझावों एवं परामर्शों के आधार पर तैयार किया जाएगा, ताकि यह नीति उद्योग जगत की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप हो और राज्य में उद्यमिता को नई गति प्रदान कर सके।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित नीति में उद्यमियों को वर्किंग कैपिटल सहायता, विपणन सहयोग, अनुसंधान एवं विकास , आधुनिक टेस्टिंग लैब की सुविधा, कौशल उन्नयन एवं प्रशिक्षण जैसे महत्वपूर्ण प्रावधानों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है, जिससे बिहार के MSME वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकें।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार का उद्देश्य एक ऐसा सक्षम एवं समावेशी MSME इकोसिस्टम विकसित करना है, जो राज्य में निवेश को प्रोत्साहित करने, स्थानीय उद्यमों को सशक्त बनाने, रोजगार के नए अवसर सृजित करने तथा औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।
