रामकिशोर राय गरीब भूमिहीनों के सच्चे हिमायती थे:कुणाल
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)08 जनवरी।भाकपा-माले जिला स्थाई समिति व धनछुहां पंचायत पूर्व मुखिया रामकिशोर राय का कल हृदयगति रुकने के कारण निधन हो गया!उनके निधन की खबर मिलते ही पार्टी के भीतर शोक की लहर दौड़ गई!उनके गांव सहार प्रखंड के धनछुहां में सैकड़ों पार्टी के नेता व कार्यकर्ता पहुंचे!उसके बाद आज उनके गांव से अंतिम शव-यात्रा निकली!
उसके पहले वहां शोक सभा आयोजित की गई!इस दौरान सबसे उनके पार्थिव शरीर पर भाकपा-माले के पोलित ब्यूरो सदस्य व वरिष्ठ नेता स्वदेश भट्टाचार्य,राज्य सचिव कुणाल,केन्द्रीय कमेटी सदस्य व जिला सचिव जवाहरलाल सिंह,केंद्रीय कमेटी सदस्य अभ्युदय,केंद्रीय कमेटी सदस्य राजू यादव,केंद्रीय कमेटी सदस्य व पूर्व विधायक मनोज मंजिल,राज्य कमेटी सदस्य व पूर्व विधायक शिवप्रकाश रंजन,पूर्व विधायक चंद्रदीप सिंह,अरवल के पूर्व विधायक महानंद सिंह,रमेश सिंह,उपेन्द्र भारती,संजय सिंह,मदन सिंह,क्यामुद्दीन अंसारी,दिलिप कुमार सैकड़ों पार्टी के नेता व कार्यकर्ता एवं उस इलाके लोगों ने माल्यार्पण किया और दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।
शोक सभा को संबोधित करते हुए भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा कि 80 के दशक में हीं पार्टी से जुड़ गये थे!वे सहार थाना के धनछुहां गांव में मध्यवर्गीय किसान (भूमिहार जाति) के घर में पैदा हुए थे!जब भोजपुर में सामंतवाद विरोधी किसान आंदोलन तेज था और जमींदारों,भूस्वामियों के बहकावे में सवर्ण जाति के लोग भाकपा-माले (आईपीएफ) को अपना दुश्मन समझ रहे थे उसी दौर में का•रामकिशोर राय जी का पार्टी के साथ जुड़ना बहुत हीं प्रगतिशील और क्रांतिकारी कदम था!
1987 में वे पार्टी के सदस्य बनें थे!तब से अनेकों उतार चढ़ाव के बावजूद वे पार्टी के मजबुत सिपाही बने रहे!2006 में वे धनछुहां पंचायत से मुखिया का चुनाव लड़ें तथा अच्छे मत से जीते और एक इमानदार व जनपक्षीय जनप्रतिनिधि की पहचान बनाई!अगले चुनाव में उन्हें पार्टी द्वारा जिला परिषद का भी चुनाव लड़ाया गया तथा बहुत कम वोट से हार गए!सबसे बड़ी बात यह है कि जब रणवीर सेना से लड़ाई के दौर में बहुत से कमजोर साथी जातीय भावना में बह कर पार्टी छोड़ दिए तब भी राय जी मजबूती के साथ न केवल पार्टी के साथ जुड़े रहे बल्कि लड़ाई का नेतृत्व करते रहे!इतना हीं नहीं जब नाढ़ी में जन प्रतिरोध में नौ रणवीर सेना के अपराधियों के सफाये के जुर्म में उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई तब भी विचलित नहीं हुए!जेल में रहते हुए हीं उनके बड़े लड़के का देहांत हो गया फिर भी वे डिगे नहीं तथा बाहर आने के बाद फिर उसी उर्जा के साथ काम करने लगे!राय जी बड़े जीवट किस्म के क्रांतिकारी इंसान थे!अभी भी वे पार्टी जिला स्थाई समिति के सदस्य थे!
ऐसी स्थिति में जब देश में फासीवादी ताकतों के खिलाफ जबरदस्त आंदोलन की संभावना दिख रही है राय जी जैसे मजबुत सिपाही का जाना पार्टी के लिए अपूर्णीय क्षति है!का•रामकिशोर राय की अंतिम यात्रा उनके गांव धनछुहां से समय अपराह्न 3 बजे से निकल और उनका अंतिम संस्कार सहार सोन नद में किया गया!का•रामकिशोर राय के पुत्र अजय राय मुखाग्नि दी!इस दौरान नम आंखों से विदाई देते हुए सैकड़ों लोगों ने गगनभेदी नारा लगाते विदाई दी गई!
यह जानकारी भाकपा-माले जिला कार्यालय सचिव दिलराज प्रीतम ने पत्रकारों दी!

