
आरा/भोजपुर( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)27 दिसंबर।फूड एंड एलाइड वर्कर्स यूनियन भोजपुर द्वारा शुक्रवार को भोजपुर जिलाधिकारी कार्यालय में प्रतिनिधि उमेश पासवान के नेतृत्व में मांग पत्र सौंपा गया।इस संबंध में बताया गया की सभी मजदूर बिहार राज्य खाद्य निगम भोजपुर अंतर्गत विभिन्न नौ गोदाम में वर्षों से खाद्य निगम में आयें अनाज के बोरो को उतारना ,तौलना , सिलाई करना,ट्रक पर लोडिंग अनलोडिंग करने का कार्य गोदाम के ठेकेदारों के माध्यम से करते आ रहे हैं।लेकिन सभी गरीब मजदूरों की आवाज सुननेवाला कोई नहीं है।काम कराने के बाद भी न्यूनतम मजदूरी भी नहीं मिलता है।श्री पासवान ने बताया की श्रम संसाधन विभाग बिहार सरकार द्वारा 11 .64 रुपए प्रति बोरा के दर से मजदूरी निर्धारित है और उसी दर से भुगतान किया जा रहा है। लेकिन हम सभी मजदूरों को प्रति बोरा का निर्धारित दर ₹11 .64 से आता है और उसके स्थान पर ₹8.50 का भुगतान दिया जाता है।इसके साथ मजदूरों के लिए इपीएफ पीएसआइ तथा अन्य सुविधा भी देय है।इस संबंध में उच्च न्यायालय पटना का आदेश दिनांक 3.9.2025 से प्राप्त है।अपनी समस्याओं को मंत्री से लेकर संबंधित पदाधिकारी से मिलकर,आवेदन के माध्यम से न्यूनतम मजदूरी मांग की जाती रही है।
आखिर मिलने वाला ₹11 .64 के स्थान पर ₹8.50 का भुगतान करना गबन ,घोर धांधली,सरकारी पैसे का लूट है और कानून की धज्जियां उड़ाने वाला है जिसकी जांच होनी चाहिए और मजदूरों को निर्धारित न्यूनतम मजदूरी मान सम्मान के साथ मिलनी चाहिए।
सरकार द्वारा जनहित में रोज नए-नए कार्यक्रम और आर्थिक संकट दूर करने का प्रयास चल रहा है, वहां कार्य कराने के बाद भी मजदूरी ना मिलना दुखद और शर्मनाक तथा लोकतंत्र के लिए कलंकित करने वाला है।
मांग की छायाप्रति मंत्री लेसी सिंह खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ,बिहार सरकार, जिला पदाधिकारी भोजपुर 6 .7.2024 , प्रबंध निदेशक बिहार राज्य खाद्य निगम श्रम आयुक्त, बिहार सरकार प्रबंध निदेशक ,बिहार स्टेट फूड एंड सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन लिमिटेड आदि को दी जाती रही है। प्रतिनिधि मंडल में उमेश पासवान, प्रदीप राम, राम नारायण राम, फूल मोहम्मद ,एकलव्य पासवान, मनोरंजन कुमार ,विनोद पासवान, रुदल यादव आदि रहे।
