
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)16 दिसंबर।आज जिला पदाधिकारी, भोजपुर के निर्देशानुसार अर्थ गंगा कार्यक्रम अंतर्गत राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तत्वावधान में कृषि भवन सभागार, भोजपुर में “जैविक/प्राकृतिक खेती” विषय पर प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का उद्घाटन जिला कृषि पदाधिकारी, भोजपुर एवं जिला परियोजना पदाधिकारी, जिला गंगा समिति (नमामि गंगे), भोजपुर अमित कुमार द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा प्राकृतिक/जैविक खेती के महत्व एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डाला गया। वहीं जिला परियोजना प्रबंधक, नमामि गंगे अमित कुमार द्वारा रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों एवं खरपतवारनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से एग्रो-इकोलॉजी पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों पर विस्तृत चर्चा की गई।
सहायक निदेशक, रसायन द्वारा भोजपुर जिले में संचालित “प्राकृतिक खेती” योजना की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला में तकनीकी संसाधन सेवियों के रूप में कृषि विज्ञान केंद्र, भोजपुर के वैज्ञानिक डॉ. सच्चिदानंद सिंह एवं डॉ. अनिल कुमार यादव उपस्थित रहे।
डॉ. सच्चिदानंद सिंह द्वारा जैविक/प्राकृतिक उत्पादों के सेवन का महत्व, जैविक खेती की आवश्यकता तथा जैविक खेती प्रारंभ करने से पूर्व की जाने वाली गतिविधियों की जानकारी उपस्थित कृषकों के साथ साझा की गई। वहीं डॉ. अनिल कुमार यादव द्वारा जैविक/प्राकृतिक खेती में प्रयुक्त इनपुट जैसे—गोबर खाद, कम्पोस्ट, जैविक खाद, वर्मी कम्पोस्ट, वर्मीवास, जीवामृत, बीजामृत आदि के उत्पादन एवं प्रयोग की विधियों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
उक्त कार्यक्रम में जिला उद्यान पदाधिकारी, भोजपुर, सहायक निदेशक (शष्य) प्रक्षेत्र, भोजपुर, सहायक निदेशक रसायन, उप परियोजना निदेशक, आत्मा, भोजपुर, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, आरा सदर, उद्योग प्रसार पदाधिकारी, भोजपुर सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
