
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)16 दिसंबर।डा आनंद मोहन सिन्हा के आवास प्रभा निवास पर राम कथा पर एक संगोष्ठी का आयोजन हुआ। मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए रांची विश्वविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष डा जंग बहादुर पाण्डेय ने कहा कि भक्त भगवान से कुछ भौतिक पदार्थ नहीं चाहता है, वह केवल उनकी कृपा का अभिलाषी होता है। केवट राम का अनन्य भक्त है। उसने प्रभु श्रीराम को गंगा पार कराया।
राम केवट को कुछ उतराई देना चाहते थे, लेकिन उनके पास तो फूटी कोडी भी नही थी। सीता जी उनके मन की बात जान गई और अपनी रत्न जडित मुद्रिका उतार कर प्रभु श्री राम को दिया। राम ने केवट को उतराई देने की पेशकश की, लेकिन
केवट चरण गहे अकुलाई।
नाथ आज मैं काह न पावा।
मिटे दोष दुख दारिद दावा।
अब कछु नाथ न चाहिए मोरे।
दीन दयाल अनुग्रह तोरे।
केवट राम का अनन्य भक्त है। उसे अब कुछ नहीं चाहिए-यह केवट की भक्ति की चरम पराकाष्ठा है
इस पावन अवसर पर आगत अतिथियों के कर कमलों से ईक्षा पत्रिका के 22 वें अंक का तथा डा जे बी पाण्डेय रचित वारिधि हिंदी पुस्तक माला का लोकार्पण भी हुआ।यह नवीन पुस्तक नयी शिक्षा नीति के आलोक में कक्षा एक से पांच तक के बच्चों के लिए लिखी गई है।
इस अवसर पर डा राम जी राय,डा राजेंद्र प्रसाद,डा नथुनी पाण्डेय, डा कुमार शिव शंकर, डा आनंद मोहन सिन्हा, डा विजय कुमार तिवारी, वेद नारायण जी,डा प्रभा सिन्हा, सुशीला देवी, अंजलि की गरिमामयी उपस्थिति रही।
