
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)30 नवंबर।संगीत शिरोमणि पंडित दूधेश्वर लाल स्मृति संगीत संध्या में गायन वादन व नृत्य की त्रिवेणी प्रवाहित हुई। इस कार्यक्रम का उद्घाटन वरिष्ठ संगीतज्ञ तबला गुरु शिवनंदन प्रसाद श्रीवास्तव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर शिवनंदन जी ने कहा कि पंडित दूधेश्वर लाल का नाम संगीत के क्षेत्र में उल्लेखनीय है जिन्होंने संगीत के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्य किया। इनकी संगीत परंपरा का सफर आज तीन पीढ़ियों तक कायम है। पंडित जी कुशल गायक के साथ साथ वाग्यकार भी थे जिनकी कई बंदिशों को आज के युवा कलाकार राष्ट्रीय मंचों पर गा रहें हैं। इस अवसर पर शिवनंदन प्रसाद श्रीवास्तव ने स्वतंत्र तबला वादन प्रस्तुत कर समां बाँधा। वही युवा गायक सह संगीत शिक्षक अजीत पांडेय व गायिका श्रेया पांडेय ने राग योग में विलंबित एकताल में लयबद्ध बड़ा ख्याल व छोटा ख्याल प्रीत की डोर में हम तुम संग पिया व एकताल की बंदिश सजन का से कहूँ प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। वही कथक नृत्यांगना स्नेहा पांडेय ने पारंपरिक कथक प्रस्तुत कर तालियां बटोरी। इस अवसर पर। रीतिका कुमारी, कामिनी, राका श्रीवास्तव, दिपतारा श्रीवास्तव व स्नेहा पांडे ने कजरी नृत्य प्रस्तुत कर मंत्रमुग्ध किया। कहवा से अइले किशन कन्हैया हो पडेला झिर झिर बुंदिया, काहे करे लू गुमान गोरी सावन में व प्रभु झूल रहे अपने उमंग में सिया जी के संग में ना जैसे गीतों पर लक्षमी, चांदनी व् श्रेया के स्वरों ने रंग बिखेरा। मंच संचालन आदित्या श्रीवास्तव व धन्यवाद ज्ञापन गुरु बक्शी विकास ने किया। इस अवसर पर कई संगीत प्रेमी उपस्थित थें।
