
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)29 नवंबर।श्री सीताराम विवाह महोत्सव महवीर स्थान रमना मैदान, आरा, राष्ट्रीय महिला परिषद माचा स्वामी महिला सेवा समिति द्वारा चल रही इस आयोजन की छठवा दिवस क़े प्रातः वेला श्री ज्योति पाठक, अनीस मिश्रा ने वैदिक रीति से पूजन कराई गई।इसके बाद श्री रामचरित्र मानस पाठकर्ता शशि भूषण जी पाठ क़े माध्यम से कहा जी सीता हरण करके रावण जब अकास मार्ग से जाते देख गिद्ध राज जटायु ने रावण जैसे पराक्रमी से युद्ध किया और अपने जीवन को धर्म हेतु प्राण न्योछावर किया ।आज क़े इस कलयुग मे रोज युवती का अपहरण होता है सारे आम कुकर्म होता कोई आवाज नहीं उठाता ” दिन उहे सब लोग उहे अब भारत मे ऊ दिनवा कहा चल गइले, पर नारी क़े लाज बचावे खाती भारत क़े अब गिद्धवो मर गइले ” ।यह वाक्य भोजपुरी का सटीक बैठता है।
वही दोपहर 02.30 बजे से श्रीधाम वृन्दावन धाम से पधारे प्रेममूर्ति प्रदीप जी महाराज ने श्रीमद भागवत कथा मे भगवान क़े अनेका अनेक जन्मो की बख्यान करते हुवे “बामन चरित्र ” की विवेचना करते हुवे कहा बली का 100 वा यज्ञ पूर्ण न हो देवताओ क़े राजा इन्द्र की खातिर छः वर्ष बटुक रूप धारण करके राजा बली क़े यज्ञ मे दान लेने पहुंचे पर लेने गए और उन्हें देने पड़ गए और देवता की कार्य सिद्ध किए,अगली चरित्र श्रीकृष्णा जन्मो उत्सव कराई जिसमे सुमधुर भजन ” लाला जन्म सुन आई यशोदा देदे अब बधाई ” नन्द जी आँगन मे बज रही आज बधाई”…. आरती पूजन समिति क़े सदस्यो मे पूनम देवी, राधा शर्मा, लालती सिंह, पुष्पा सिन्हा, प्रतिमा मधुकर, उषा पाण्डेय, लीला सिंह, उर्मिला सिंह, उर्मिला सिन्हा, आशा देवी, सीमा मिश्रा, चुनमुन सिंह, रंजन सिंह, रविशंकर तिवारी, जयप्रकाश तिवारी, ठाकुर राजकिशोर सिंह, नवल प्रसाद, वही भागवत कथा मे प्रसाद वितरण श्री डॉ टी पी सिंह द्वारा किया गया। उपस्थित स्रोताओ क़े बीच दिया गया, इसकी सुचना शशि जी ने दिया!
