RKTV NEWS/अनिल सिंह,06 जून।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में एक अणे मार्ग स्थित संकल्प में मुख्यमंत्री राहत कोष न्यासी पर्षद की 22वीं बैठक संपन्न हुई।बैठक में मुख्यमंत्री राहत कोष न्यासी पर्षद से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई और चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश भी दिए गए।बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार ने न्यासी पर्षद की 21 वी बैठक की हुई कार्यवाही का अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और बताया की हर बिंदुओं पर कार्यवाही का अनुपालन कर लिया गया है।मुख्यमंत्री राहत कोष की लेखा में प्राप्त राशि ,वितरित राशि एवं शेष जमा राशि का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया।उन्होंने बताया की 10 बाढ़ प्रभावित जिलों में 100 बाढ़ आश्रय स्थलों के निर्माण हेतु अब तक 64 करोड़ 57 लाख 26 हजार 582 रुपए निर्गत की जा चुकी है।58 बाढ़ आश्रय एक निर्माण पूर्ण हो चुका है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा की मुख्यमंत्री राहत कोष से आपदा की स्तिथि में लोगो की मदद की जाती है।इसके अलावा विविध कार्यों में लोगो की मदद की जाती है जिससे लोगो को काफी सहायता होती है। कोरोना वायरस से मृत्यु होने पर मृतकों के आश्रितों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 4 लाख रुपए की राशि की मदद दी गई है।मुख्यमंत्री राहत कोष की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है।उन्होंने कहा की बाढ़ राहत शिविरों में बाढ़ पीड़ितों को बर्तन वस्त्र आदि के मद में 600 रुपए प्रति व्यक्ति की दर से मदद दी जाती है जिसे अब बढ़ाकर 1000 करने का निर्देश दिया। बाढ़ के दौरान राहत शिविरों में लड़की के जन्म लेने पर 15000 रुपए और लड़के के जन्म लेने पर 10000 रुपए का भुगतान किया जाता है। उन्होंने शेष बचे बाढ़ आश्रय स्थलों का निर्माण भी जल्द करने का निर्देश दिया।
बैठक में आपदा प्रबंधन मंत्री शाहनावाज,मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी और पदाधिकारी उपस्थित थे।

