निरंकुश शासक को नही गवारा किसी और का नाम! संसद भवन के उद्धघाटन में राष्ट्रपति को नही बुलाना प्रत्यक्ष रूप से निरंकुशता को प्रदर्शित करता है:दीपांकर भट्टाचार्य
RKTV NEWS/अनिल सिंह 04 जून।आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी को लेकर भाकपा – माले का जिला स्तरीय कार्यकर्ता कन्वेंशन 03 जून को आरा नागरीप्रचारिणी सभागार में हुआ।जिसमे शिरकत करने पहुंचे भाकपा माले के राष्ट्रीय सचिव दीपांकर भट्टाचार्य के स्वागत में रास्ते में कई जगहों पर कार्यकर्ताओं और आम जनता ने उनका फूल माला से सत्कार किया। श्री भट्टाचार्य सैकड़ो कार्यकर्ताओं और गाड़ियों के काफिले के साथ आरा के नागरी प्रचारिणी सभागार में पहुंचे और कन्वेंशन को संबोधित किया। जिसमें जिले के सैकड़ों नेता , कार्यकर्ता शामिल हुए।
कन्वेंशन की शुरुआत कल ओडिशा के बालासोर में हुए भीषण रेल दुर्घटना में मरे सैकड़ों लोगों की श्रद्धांजलि में दो मिनट के मौन के साथ हुआ।
मुख्य अतिथि पार्टी महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कन्वेंशन को सम्बोधित करते हुए कहा कि नए संसद भवन के उद्धघाटन में भाजपा को दलित राष्ट्रपति की याद क्यों नही आई ? जबकि संसद बनता ही हैं रास्ट्रपति को मिला कर।उक्त अवसर पर राष्ट्रपति जो देश का प्रथम नागरिक होता है की अनदेखी करना यह प्रत्यक्ष रूप से लोकतंत्र की हत्या को दर्शाता है।शासक के रूप में देश को चला रहे माननीय प्रधानमंत्री को सभी जगहों पर अपने नाम की छाप छोड़नी है।महासचिव ने कहा की संसद भवन के उद्धघाटन में माननीय राष्ट्रपति को इसलिए नही बुलाया गया क्योंकि उनके आने से शिलापट पर प्रधानमंत्री की जगह राष्ट्रपति द्वारा उद्घाटित लिखना पड़ता जो एक निरंकुश शासक को गवारा नहीं होता और लोकतंत्र के मंदिर में राज तंत्र का प्रतीक सिंगोल का क्या काम?
जब भारत आजाद हुआ तो उसका प्रतीक संविधान था। जिसमे सभी सम्प्रदाय, जाति, धर्म, भाषा के लोगों की बाते होती है। इस लिए हमारा प्रतीक सिंगोल नही संविधान होगा। मोदी राममंदिर का शिलान्यास करते हैं और संसद का भी यानी राम मंदिर और संसद में कोई अंतर नही। ये संसद को मंदिर बना देना चाहते हैं। मोदी जी अब हिन्दू सम्राट बन गए हैं । भाजपा वाले मनुस्मृति को संविधान बनाना चाहते हैं इसका ये जीता जागता सबूत है। उन्होंने कहा कि महिला पहलवानों के आरोपितों को जेल भेजने के बजाए ठीक विपरीत महिला पहलवानों को सड़क पर घसीट कर थाने ले जा रहें हैं। ये सवाल केवल कुछ पहलवानों का नही है बल्कि पूरे देश का सवाल है । इस लिए बृजभूषण सिंह को गिरफ्तार करो।
आज देश मे जो चल रहा है वह हिन्दू रास्ट्र का ट्रेलर हैं । अम्बेडकर ने पहले ही कहा था कि किसि भी तरह से अगर देश हिन्दू रास्ट्र बन जाता है तो ये सबसे बड़ा खतरा होगा। आनेवाला 24 का चुनाव कोई मामूली चुनाव नही है यह तय करने वाला चुनाव है कि देश मे लोकतंत्र रहेगा या नही?संविधान से देश चलेगा या मनुस्मृति से? यह चुनाव तय करेगा कि हमारी बेटीयों का सम्मान रहेगा कि नही? इसलिए हमे जागरूक बनाना होगा। गांव – गांव में साम्प्रदायिक ताकतों को भगाना होगा। गरीबों, महिलाओं के सवालों पर बड़ी एकता बनानी होगी। उन्मादियों की बोलती बंद कर देनी होगी।उन्होंने सभा से अपील की इस चुनाव को निर्णायक बना दीजिए। हमे भाजपाईयों को चुप करा देना होगा। उन्हें कहना होगा कि धर्म अपने पास रखो हमे शिक्षा – रोजगार दो, खेती के लिए पानी दो, हमे इन्ही मांगी पर लड़ना होगा।
कन्वेंशन को राज्य सचिव कुणाल ने सम्बोधित करते हुए कहा कि भाजपा ने बिहार को साम्प्रदायिक माहौल में ढकेल दिया है। जगह – जगह अम्बेडकर की मूर्ति तोड़ी जा रही है। इसके खिलाफ हमे गांव – गांव प्रतिरोध करना होगा।
आरा के पूर्व सांसद रामेश्वर प्रसाद ने कहा कि भाजपा 9 साल से आरएसएस के एजेंडा पर काम कर रही है। शिक्षा के पाठ्यक्रम से भगतसिंह, और आजादीके दीवानों को हटा रही है। गरीबों की योजना आवास योजना खत्म कर रही है। ये दो भारत बनाना चाहती है। गरीबों के लिए अलग अमीरों के लिए अलग। इस लिए इस चुनाव में आपको गुस्से का इजहार करना होगा।
कन्वेंशन को सम्बोधित करते हुए राजू यादव ने कहा कि महंगाई चरम पर है । भोजन पर टैक्स लग रहा है। नौजवानों को रोजगार नही मिल रहा है।भोजपुर में गरीबों को फर्जी बिजली बिल भेज कर उनके बिजली कनेक्शन काट दिया जा रहा है जबकि यहाँ के सासंद खुद केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री हैं। कन्वेंशन को सम्बोधित करने वालों में सुदामा प्रसाद, राज्य स्थाई समिति सदस्य व विधायक तरारी, कयामुद्दीन अंसारी, राज्य सचिव इंसाफ मंच, इंदू सिंह, जिला सचिव ऐपवा, सबीर कुमार, राज्य सचिव आइसा, शिवप्रकाश रंजन, राज्य सचिव आरवाई स्वदेश भट्टाचार्य, पोलित ब्यूरो सदस्य, संतोष सहर, केंद्रीय कमिटी सदस्य, मीरा देवी , वरिष्ठ नेत्री माले,मनोज मंजिल केंद्रिय कमिटी सदस्य व विधायक अगिआंव,भाकपा-माले नगर सचिव दिलराज प्रीतम सहित शिक्षक – कर्मचारी नेता आदि मौजूद थे। कन्वेंशन का संचालन जिला सचिव जवाहरलाल सिंह ने किया।

