सत्ता के इशारे पर मनोज मंजिल की अपील हुई खारिज:शिवप्रकाश रंजन
RKTV NEWS/आरा ( भोजपुर)08 अक्टूबर।आरा सांसद सुदामा प्रसाद ने भाकपा-माले जिला कार्यालय श्रीटोला आरा में एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि भोजपुर के बरिसवन सामंती दबदबे वाला गांव रहा है!28 सितंबर की दोपहर गांव के देवी स्थान के चबूतरे पर पेड़ के नीचे बैठे एक दलित नौजवान अनीश कुमार कश्यप को जब कन्हैया तिवारी ने यह कहकर अपमानित किया कि “चमार होकर देवी स्थान पर बैठने की तुम्हारी मजाल कैसे हुई?” तब विरोध करने पर उससे हाथपाई हुई. अनीश के पिता ने दोनों को अलग तो कर दिया पर थोड़ी देर में ही बड़ी संख्या में अपराधियों ने घर पर हमला बोल दिया!मां-बाप व बीच बचाव में आए दलित समुदाय के अन्य लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया!अनीश की मां सिली देवी इस पिटाई से बेहोश हो गईं और अन्य को काफी चोटें आईं!उसी शाम थाने में की गई लिखित शिकायत को वापस लेने के लिए अगले दिन 29.10.25 को और भी बड़ी संख्या में हमलावर लाठी, डंडे, बैट व कुल्हाड़ी से लैस होकर फिर आए! दौड़ा-दौड़ा कर अनेक लोगों को फ़िर पीटा गया! पिछले दिन घायल हुईं सिली देवी का हाल पूछने वहां पहुंची 62 वर्षीय मीना देवी पर भी हमला हुआ! सिर पर लाठी से और पेट पर लात से मारा गया!बुरी तरह घायल मीना जी को शाहपुर रेफरल अस्पताल,आरा के एक निजी अस्पताल और अंततः पटना के पीएमसीएच में भर्ती कराया गया जहां उन्होंने 1 अक्टूबर की शाम दम तोड़ दिया!भारतीय सेना से 2004 में सेवानिवृत रामजी राम अपने चार जवान बेटों को उनकी मां का चेहरा दिखाने पत्नी का शव बिना पोस्टमार्टम कराए लेकर गांव लौट आए!बाद में आरा में पोस्टमार्टम हुआ!
घटना की लिखित शिकायत के बावजूद पुलिस पहले दिन नहीं आई!शव आने पर दबाव में आई पुलिस ने 7 दिन में अपराधियों की गिरफ्तारी की बात कहकर शव जला देने पर परिजनों को राजी कर लिया!अपराधी सपरिवार घर पर ताला जड़कर फरार हैं!ग्रामीणों ने बताया कि लगभग 550 घर की संख्या वाले बरिसवन के दलित गरीबों में एक भी परिवार के पास जमीन नहीं है!हमलावरों के खेतों पर ही मजदूरी से आजीविका चलती है!बुजुर्ग खेत मजदूर महिलाओं को अक्सर गाली दी जाती है और थप्पड़ मारा जाता है!घायल सिली देवी के पति विकास राम ने रोते हुए बताया कि रोज़ गाली और अपमान सहना पड़ता है!अब इस गांव में रहा नहीं जाता!ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पूर्व में ततवां जाति के एक सब्जीफरोश जयराम ततवां को भी उधार मांगने पर सामंती जुल्म का शिकार होना पड़ा था और उन्हें खूंटे पर फेंककर मार डाला गया था!
न्याय के साथ विकास और सुशासन के जुमले पर चलाई गई 20 साल की मोदी-नीतीश की डबल इंजन सरकार में सामंती अपराधियों को मिली खुली छूट और संरक्षण का ही यह ताज़ा उदाहरण है। जब सेना में आजीवन देश सेवा किए एक फौजी की पत्नी को इसलिए मार डाला गया क्योंकि वे दलित हैं!इसका पुरजोर विरोध करते हुए नया बिहार बनाने के लिए इस सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान करना चाहिए!
प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए भाकपा-माले राज्य कमेटी सदस्य व अगियांव विधायक शिवप्रकाश रंजन ने मनोज मंजिल के मामले में उच्च न्यायालय के इस फैसले को निराशाजनक बताते हुए कहा है कि इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी!उन्होंने यह भी कहा कि यह फैसला दलित-गरीब विरोधी सामंती अपराधियों के संरक्षण वाली पटना-दिल्ली की सत्ता के इशारे पर हुआ लगता है!जिस मामले में मनोज मंजिल और बड़गांव के अन्य बेगुनाहों को सजा हुई थी वे सत्ता की साजिश का शिकार हुए हैं!उन्होंने जानकारी दी कि जिस व्यक्ति की हत्या का आरोप इनपर है,उस व्यक्ति की लाश भी बरामद नहीं हुई थी,फिर भी सबको उम्र कैद की सजा दे दी गई है!
माले नेताओं ने कहा कि बिहार व भोजपुर की जनता,गरीबों की दावेदारी को साजिश के तहत दबाने की कोशिश को विफल करते हुए चुनाव में पुरजोर तरीके से सबक सिखाएगी और गरीब विरोधी सरकार को उखाड़ फेंकेगी!
भाकपा-माले राज्य कमेटी सदस्य क्यामुद्दीन अंसारी ने कहा कि वर्तमान में नीतीश-भाजपा की सरकार के साथ स्थानीय भाजपा विधायक अमरेंद्र प्रताप सिंह आरा के विकास के लिए कुछ नहीं किये है!ये केवल धार्मिक आयोजन में दिखाई देते हैं!आरा के विकास के लिए नगर निगम के पास पांच हजार करोड़ रुपए का बजट होता है और राशि लूट व भ्रष्टाचार का भेंट चढ़ गया!उन्होंने आगे कहा कि बेरोजगारी,शिक्षा,स्वास्थ्य जैसे नागरिक सुविधा,महिला उत्पीड़न,जैसे मुद्दों पर चुनाव अभियान का हिस्सा होगा!उन्होंने कहा कि बिहार की जनता पर एक बोझ बन चुकी नीतीश-भाजपा की सरकार द्वारा बिहार की जनता के पैसे की गाढ़ी कमाई को भाजपाई मंत्रियों के द्वारा लूट लिया गया!भ्रष्टाचार को खत्म करने का दंभ भरने वाले नीतीश कुमार चुप्पी साधे हुए हैं!

