नदियों,तालाबों,जल स्त्रोतों के स्वच्छता प्रयासों में आम जनमानस की भागीदारी और सामूहिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देना है अभियान का मुख्य लक्ष्य।

स्वच्छता हेतु श्रमदान,जागरूकता रैली,चित्रकला व भाषण प्रतियोगिता एवं गंगा स्वच्छता शपथ कार्यक्रम आयोजित।
RKTV NEWS/दरभंगा(बिहार)25 सितम्बर।
जिला पदाधिकारी–सह–अध्यक्ष जिला गंगा समिति दरभंगा कौशल कुमार के निर्देशानुसार बुधवार को जिले के दरभंगा नगर,दरभंगा सदर, बहादुरपुर, हनुमाननगर एवं बेनीपुर प्रखंडों के कुल 100 विद्यालयों में “स्वच्छता ही सेवा-2025” अभियान के अंतर्गत स्वच्छता पर केंद्रित अनेक गतिविधियों का भव्य आयोजन किया गया।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नदियों,तालाबों एवं अन्य जल स्रोतों की स्वच्छता में आमजन की भागीदारी को प्रोत्साहित करना तथा सामूहिक जिम्मेदारी का भाव विकसित करना है।
कार्यक्रम की शुरुआत सभी विद्यालयों में परिसर-स्वच्छता हेतु श्रमदान से हुई,।इसके पश्चात छात्रों एवं शिक्षकों ने नजदीकी नदी,तालाब एवं अन्य जलस्रोतों के तटों पर भी श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया।
साथ ही इसके बाद उत्साह से ओतप्रोत विद्यार्थियों ने प्रभावशाली नारों—“स्वच्छ जल,स्वस्थ कल—आओ करें सब मिलकर हल।”, “नदियाँ बोलें साफ़-साफ़, कचरा फेंकना करो माफ़।”, प्रकृति के दुश्मन तीन—पाउच, पन्नी, पॉलीथिन।”, “जल है जीवन की धारा, इसे बचाना हम सबका सहारा। के साथ जागरूकता रैली निकाली।
विद्यालयों में “जल स्रोतों की स्वच्छता की आवश्यकता” विषय पर चित्रकला व भाषण प्रतियोगिता तथा आकर्षक रंगोली प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।
बच्चों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभा का प्रदर्शन किया और उत्कृष्ट प्रतिभागियों को प्रथम,द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
सभी प्रतिभागियों,शिक्षकों एवं उपस्थित जनों ने सामूहिक रूप से गंगा स्वच्छता शपथ ली और यह संकल्प लिया कि वे नदियों,तालाबों व अन्य जलस्रोतों को स्वच्छ रखने,जलीय जीवों के संरक्षण तथा घाटों पर नियमित योगाभ्यास के माध्यम से स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाएँगे।
जिला गंगा समिति के परियोजना अधिकारी फारूक इमाम ने बताया कि नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित यह अभियान विद्यार्थियों एवं आमजन को स्वच्छता के महत्व से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है।
उन्होंने कहा, “स्वच्छ जल ही स्वस्थ भविष्य की नींव है। इस दिशा में समाज के हर वर्ग की सहभागिता आवश्यक है और आज के आयोजन ने इस जनसहभागिता की मिसाल पेश की है।”
यह व्यापक पहल न केवल विद्यालयों के छात्रों में स्वच्छता के प्रति चेतना जागृत करने का माध्यम बनी,बल्कि जलस्रोतों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी सिद्ध हुई।

