
RKTV NEWS/दुमका (झारखंड)18 सितंबर।इसाफ फाउंडेशन की पहल और नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ मेटेरियल्स रिसर्च (एनआईएमएस) के सहयोग से दुमका के आदिवासी शिल्पकारों ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित स्वतंत्रता दिवस ‘एट होम’ स्वागत समारोह के लिए विशेष बाँस से निर्मित किट तैयार कर भेजी थी। इन किटों में प्राकृतिक बाँस का उपयोग कर अनूठी डिज़ाइन और दस्तकारी प्रस्तुत की गई, जो पूर्वी भारत की पारंपरिक कला व हस्तशिल्प का प्रतिनिधित्व करती है। उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने कारीगरों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह दुमका के बाँस शिल्पकला की राष्ट्रीय पहचान है और हमारे कारीगरों के कौशल का सम्मान है।
कारीगरों ने कहा कि यह अवसर हमारे लिए ऐतिहासिक है। कारीगर किशोर महली व सुमेश महली ने कहा, “राष्ट्रपति भवन के लिए काम करना गर्व का क्षण है और यह हमारे समुदाय की ऐतिहासिक उपलब्धि है।”
इसाफ फाउंडेशन एवं एनआईएमएस के बारे में।
इसाफ फाउंडेशन आदिवासी समुदायों के सतत विकास हेतु शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल प्रशिक्षण और आजीविका संवर्धन पर कार्यरत है।
एनआईएमएस, 2008 से कौशल विकास शाखा के अंतर्गत हस्तशिल्प, कृषि और अन्य क्षेत्रों में प्रशिक्षण व विपणन सहायता प्रदान कर रहा है।

