RK TV News
खबरें
Breaking Newsकृषि

भोजपुर: कृषि सखियों के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन।

आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)09 सितंबर।कृषि विज्ञान केन्द्र, भोजपुर (बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, भागलपुर) में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन अंतर्गत ‘कृषि सखी’ के लिए प्राकृतिक खेती विषय पर पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि विज्ञान केन्द्र भोजपुर‌ की हेड और वैज्ञानिक डा शोभा रानी ने किया।
इस प्रशिक्षण में भोजपुर जिले की जीविका से जुड़ी हुई बीस कृषि सखियाँ भाग ले रही हैं जिनका चयन पांच प्रखंड जगदीशपुर, आरा, कोइलवर, बिहियां और संदेश से जिला कृषि विभाग द्वारा किया गया है।
कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. नीरज कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी, भोजपुर एवं केन्द्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान, डॉ शोभा रानी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर जिला कृषि पदाधिकारी ने कहा कि प्राकृतिक खेती समय की माँग है। यह खेती लागत कम करती है, मिट्टी को स्वस्थ रखती है और किसानों की आय बढ़ाने का एक सशक्त साधन है। जीविका दीदियाँ गाँव-गाँव तक इस ज्ञान को पहुँचाकर कृषि क्रांति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
इस अवसर पर उपस्थित अंसु राधे, सहायक निदेशक (रसायन) ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करके ही हम टिकाऊ खेती की ओर बढ़ सकते हैं। प्राकृतिक खेती के प्रयोग किसानों के स्वास्थ्य व पर्यावरण दोनों की सुरक्षा करेंगे।जीविका के प्रबंधक शैलेश कुमार ने अपने विचार रखते हुए कहा कि जीविका समूहों के माध्यम से दीदियाँ प्राकृतिक खेती को जन-जन तक पहुँचाने में अग्रणी रहेंगी।यह प्रशिक्षण उनके लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, कृषि विज्ञान केन्द्र, भोजपुर डा शोभा रानी ने कहा कि प्राकृतिक खेती किसानों को आत्मनिर्भर बनाएगी। जीविका दीदियों को प्रशिक्षित कर हम स्थायी कृषि की नींव रख रहे हैं। इस प्रशिक्षण के उपरांत कृषि सखियां अपने क्षेत्र में वापस जाकर प्राकृतिक खेती के महत्व को अन्य किसानों एवं महिलाओं तक पहुंचने की जिम्मेदारी संभालेंगे l रासायनिक खाद और कीटनाशकों की अत्यधिक प्रयोग को रोकने हेतु प्रकृति खेती ही स्थाई विकल्प है, जिस की मिट्टी की उर्वरा शक्ति और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में कामयाबी मिलेगी l
प्रशिक्षण का समन्वय डॉ. अजय कुमार मौर्य,एवं डॉ. सचिदानंद सिंह, द्वारा किया गया। दोनों ने संयुक्त रूप से कहा कि पाँच दिवसीय प्रशिक्षण में जीविका दीदियों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र, भोजपुर के वैज्ञानिक डॉ.आलोक भारती, डॉ. सुप्रिया वर्मा, डॉ. अनिल कुमार यादव, तथा डॉ. विकास कुमार भी उपस्थित रहे। सभी ने प्राकृतिक खेती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह विधि मिट्टी, जल और वायु के संरक्षण के साथ किसानों की आय को दोगुना करने में सहायक होगी।

Related posts

प्रधानमंत्री ने सभी से ध्यान को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

rktvnews

देहरादून:राज्य निर्वाचन आयुक्त कार्यालय में सामान्य प्रेक्षकों की बैठक आयोजित।

rktvnews

सूर्य उपासना एवं लोकआस्था का महापर्व छठ।

rktvnews

बक्सर:सेवानिवृत कर्मचारी कन्हैया यादव के निधन पर शोक सभा आयोजित।

rktvnews

रामगढ़:सशक्त पंचायत-नेत्री अभियान के तहत जिलास्तरीय कार्यशाला का आयोजन।

rktvnews

उज्जैन:जिला स्तरीय उड़नदस्ता के द्वारा कृषि आदान विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर आकस्मिक निरीक्षण।

rktvnews

Leave a Comment