
RKTV NEWS/आरा (भोजपुर) 01 सितंबर।जनसुराज पार्टी के प्रांतीय नेता व अधिवक्ता घनश्याम राय ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा भोजपुर जिले के तरारी प्रखंड क्षेत्र के ईलाकों को औद्योगिक क्षेत्र की घोषणा के बाद निर्भयडिहरा, पटखौली एवं रन्नी के ग्रामीणों में काफी आक्रोश व्याप्त है। उन्होनें कहा कि कई किसान भूमिहीन हो जाएंगे , तो कितने लोग विस्थापन के लिए मजबूर हो जाएगें। उन्होनें कहा कि मिट्टी जांच कराये बिना उर्वरा भूमि को बंजर घोषित किया गया है जो किसानों के साथ अन्याय है । जनसुराज नेता घनश्याम राय ने कहा है कि मानव अधिवास के सटे इलाकों में औद्योगिक क्षेत्र बनाया जाना, बियाडा के निर्धारित मापदंड का उल्लंघन है साथ हीं क्षेत्र की हरियाली पर भी कालिख पोतने की साज़िश है। उन्होंने कहा कि बुध्दिजीवी बर्ग मे चर्चा छिडी है कि किसानों की भूमि को औने-पौने दाम में लेकर राज्य सरकार उद्योगपतियों को हस्तांतरित करने की सरकारी साजिश रची है । उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को चाहिए कि जिले के केंद्रित भूमि की विभिन्न कलस्टर मे औद्योगिक विकास की दिशा मे सकारात्मक पहल करे ताकि जिले के विभिन्न इलाको की बंजर भूमि का उपयोग कर विकास के लिए उधोग लगाए जाएं । उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति बहाली के एक दशक बीतने के बाद दूबारा लोगों के अंदर संघर्ष का मशाल जलाने पर विवश करने की भावना पनप रही है। उन्होंने कहा कि रन्नी और मानिकपुर मौजा की उर्वरा भूमि का औधोगिकरण वास्तव में एक दुखद निर्णय है क्योकि यह श्रेत्र उच्च अत्पादकता वाला है और सिंचाई के लिए आदर्श स्थिति में है । जनसुराज के प्रांतीय नेता घनश्याम राय ने कहा कि राज्य सरकार को चाहिए था कि इस क्षेत्र को औद्योगिक क्षेत्र बनाने से पूर्व किसानों व बुद्धिजीवियों से राय-मशविरा कर लेती।उन्होने कहा कि राज्य सरकार को अपने इस निर्णय से पहले यह ज्ञात कर लेना चाहिए था कि किसानों की आजीविका प्रभावित होगी या नहीं ? उन्होने कहा कि जमीन अधिग्रहण से राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजना जल,जीवन , हरियाली बुरी तरह प्रभावित होने वाली है । उन्होनें कहा कि राज्य सरकार ने पर्यावरण की चिंता नहीं की । उन्होंने कहा कि जमीन अधिग्रहण से पूर्व किसानों के अधिकार की चिंता कर पारदर्शिता के साथ सामाजिक सहमति को महत्व देना उचित नहीं समझा । उन्होनें राज्य सरकार को आगाह करते हुए कहा कि किसान अपने हित में अदालत का भी दरबाजा खटखटा सकते हैं ।
