RK TV News
खबरें
Breaking Newsराष्ट्रीय

गेहूं और जौ उत्पादन बढ़ाने के साथ लागत घटाना भी जरूरी: केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान

64वीं अखिल भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान कार्यकर्ता गोष्ठी, ग्वालियर में संबोधन।

ग्वालियर/मध्यप्रदेश )मनोज कुमार प्रसाद)27 अगस्त। केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि भारत आज गेहूं और चावल के उत्पादन में आत्मनिर्भर है, लेकिन उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ लागत घटाना भी उतना ही जरूरी है ताकि खेती लाभकारी बन सके। वे मंगलवार को ग्वालियर स्थित राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित ’64वीं अखिल भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान कार्यकर्ता गोष्ठी’ को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने गोष्ठी की शुरुआत में कृषि वैज्ञानिक डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन के शताब्दी वर्ष का स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि देश में खाद्यान्न आत्मनिर्भरता में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने किसानों की मेहनत को नमन करते हुए कहा कि किसानों के परिश्रम और वैज्ञानिकों के शोध के बल पर भारत आज वैश्विक स्तर पर मजबूत कृषि राष्ट्र के रूप में खड़ा है।
कृषि मंत्री ने बताया कि बीते 10-11 वर्षों में गेहूं का उत्पादन 86.5 मिलियन टन से बढ़कर 117.5 मिलियन टन हो गया है, जो लगभग 44 प्रतिशत की वृद्धि है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उल्लेखनीय है, लेकिन अभी भी हमें प्रति हेक्टेयर उत्पादन को वैश्विक औसत के बराबर लाने की दिशा में काम करना होगा। श्री चौहान ने कहा कि गेहूं और चावल का पर्याप्त उत्पादन हो चुका है, लेकिन अब दलहन और तिलहन की उत्पादकता बढ़ाना समय की मांग है ताकि आयात पर निर्भरता घटे। उन्होंने कहा कि जौ जैसे परंपरागत अनाज का औषधीय महत्व है और इसके प्रोत्साहन पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है।
श्री चौहान ने वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि वे बायोफोर्टिफाइड गेहूं विकसित करें और असंतुलित खादों के उपयोग से मृदा की गुणवत्ता पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को रोकने की दिशा में कार्य करें। उन्होंने कहा कि पराली प्रबंधन और किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए शिक्षित करना भी जरूरी है। श्री चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों को नकली खाद और कीटनाशकों से बचाने के लिए सख्त कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि जिन कंपनियों के उत्पाद से फसल को नुकसान हुआ है, उनके लाइसेंस रद्द किए जा रहे हैं और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
कृषि मंत्री ने कहा कि छोटे और सीमांत किसानों के लिए एकीकृत खेती ही लाभकारी रास्ता है, जिसमें खेती के साथ पशुपालन, मधुमक्खी पालन, मत्स्य पालन और बागवानी को जोड़ना होगा। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे दैनिक जीवन में स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करें और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सहयोग दें। श्री चौहान ने कहा कि यह सम्मेलन केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि यहां से निकले सुझावों और निष्कर्षों पर ठोस रोडमैप तैयार कर उसे लागू किया जाएगा। उtन्होंने वैज्ञानिकों से आह्वान किया कि वे अपने शोध को किसानों तक पहुंचाएं ताकि ‘लैब से लैंड’ का लक्ष्य पूरा हो सके।

Related posts

बिना लोभ लालच के स्वविवेक से अवश्य करें मतदान :एनएसएस एम्बेसडर समीर सिंह

rktvnews

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन 28-30 अक्टूबर, 2025 तक तमिलनाडु का दौरा करेंगे।

rktvnews

सहकारी चुनाव प्राधिकरण ने नई दिल्ली में आज राज्य सहकारी चुनाव प्राधिकरणों के साथ अपनी पहली परामर्शदात्री बैठक आयोजित की।

rktvnews

भोजपुर:अभाविप महाराजा कॉलेज इकाई द्वारा पौधे को पटाया और की गई साफ सफाई।

rktvnews

भोजपुर:जगदीशपुर विधायक की पत्नी के निधन पर भाजपा नेताओं ने व्यक्त की शोक संवेदना।

rktvnews

नवादा:प्रबंध निदेशक महिला एवं बाल विकास निगम-सह-सचिव, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग वंदना प्रेयसी पहुंची नवादा जिला।

rktvnews

Leave a Comment