कवि कैलाश की शहादत राष्ट्र प्रेम के प्रति प्रेरित करते रहेगी :डीएम
RKTV NEWS/आरा(भोजपुर)28 सितंबर।आज शहीद कवि कैलाश के 84 में शहादत दिवस पर भोजपुर समाहरणालय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन अमर शहीद कई कैलाश स्मृति संस्थान भोजपुर द्वारा किया गया जिसकी अध्यक्षता भाई ब्रमेश्वर ने किया। इस अवसर पर शाहाबाद के डीआईजी सत्य प्रकाश भोजपुर जिलाधिकारी मनेश कुमार मीणा,एसपी अवधेश दीक्षित, एसडीओ अंशु कुमारी विशेष रूप से उपस्थित रही। कार्यक्रम का शुभारंभ शहीद कवि कैलाश के स्मारक स्थल पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि से किया गया,तत्पश्चात समाहरणालय सभागार में दीप प्रज्वलन और पुष्पांजलि अर्पित की गई। समिति के संरक्षक बी सिंह द्वारा सभी पदाधिकारी को पुष्पगुच्छ तथा अंग वस्त्र से सम्मानित किया गया। अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए डीआईजी ने कहा कि यह धरती वीरों की धरती रही है यहां एक से एक ऐतिहासिक महापुरुषों ने जन्म लिया और देश के लिए अपनी कुर्बानी देकर एक नई दिशा दी। आज जो हम खुली हवा में सांस ले रहे हैं वह ऐसे ही महापुरुषों के शहादत का फल है जिसमें कवि कैलाशपति सिंह का नाम सदा अमर रहेगा। इन्होंने कवि कैलाश की भावनाओं का नमन करते हुए कहा कि आजादी ऐसे ही नहीं मिली है बल्कि अनेक लोगों ने अपनी कुर्बानी दी और लहू बहाया हैं। इन्होंने कहा कि सच्ची श्रद्धांजलि वही होगी जिस भावना से कवि कैलाश ने भारत माता के लिए अपनी शहादत दी , जिस सपने को संयोया था, राष्ट्र निर्माण में उनके सपनों को साकार करना होगा। उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाना समिति का कर्तव्य और मूल भावना होनी चाहिए।
जिलाधिकारी मनेश कुमार मीणा ने कवि कैलाश के शहादत को नमन करते हुए बताया कि इसी कलेक्ट्री में झंडा फहराने के लिए अपनी शहादत दी थी। स्वतंत्रता आंदोलन में इनका महत्वपूर्ण स्थान है, इनकी शहादत सदा जिला वासियों को राष्ट्र प्रेम के प्रति प्रेरित करते रहेगा।
अध्यक्ष भाषण में भाई ब्रमेश्वर ने कवि कैलाश के जीवन वृत्त को विस्तार से रखा। इन्होंने आदम कद प्रतिमा के लिए
एक शिष्टमंडल मुख्यमंत्री से मिलेगा और परिवार के भरण पोषण के लिए एक व्यक्ति को नौकरी की बात रखेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करने वालों में महासचिव डॉक्टर दिनेश प्रसाद सिन्हा मृत्युंजय भारद्वाज ,धीरेंद्र सिंह, नंदकिशोर यादव ,भाई अरुणेश, तथा कई गायक कवि भी अपनी बातों को भीतर कविता और गीत के माध्यम से कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम का संचालन प्रो रणविजय कुमार तथा धन्यवाद ज्ञापन संरक्षक बी डी सिंह ने किया।

