
RKTV NEWS/गिरिडीह(झारखंड)28 सितंबर। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव ने आज अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में जिले के विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ CSR (Corporate Social Responsibility) गतिविधियों एवं जनहित से जुड़ी विकास योजनाओं की समीक्षा को लेकर बैठक की। बैठक में औद्योगिक संस्थानों द्वारा CSR के तहत किए जा रहे कार्यों, उनके सामाजिक प्रभाव तथा स्थानीय स्तर पर जनोपयोगी योजनाओं के क्रियान्वयन में औद्योगिक इकाइयों की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने कहा कि औद्योगिक संस्थान क्षेत्र के आर्थिक विकास के साथ-साथ स्थानीय समुदाय के सामाजिक एवं आधारभूत विकास में भी महत्वपूर्ण भागीदार हैं। CSR के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, आधारभूत संरचना एवं अन्य जनोपयोगी क्षेत्रों में प्रभावी कार्य किए जा सकते हैं।
अप्रैल 2026 से अब तक किए गए CSR कार्यों की माहवार रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश…
उपायुक्त ने जिले के सभी संबंधित औद्योगिक संस्थानों को अप्रैल 2026 से अब तक CSR के माध्यम से किए गए कार्यों का माहवार विवरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में संबंधित माह में किए गए कार्य, कार्य का क्षेत्र, लाभान्वित लोगों की संख्या, व्यय की गई राशि तथा कार्य की वर्तमान स्थिति से संबंधित आवश्यक विवरण स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्राप्त विवरण के आधार पर जिले में संचालित CSR गतिविधियों की समेकित समीक्षा एवं प्रभाव का आकलन किया जाएगा तथा जनहित की आवश्यकताओं के अनुरूप भविष्य की प्राथमिकताएं निर्धारित की जाएंगी।
गादी श्रीरामपुर जलापूर्ति योजना के क्रियान्वयन पर विशेष जोर…
बैठक में गादी श्रीरामपुर जलापूर्ति योजना के क्रियान्वयन को लेकर भी विशेष रूप से चर्चा की गई। संबंधित पत्र के आलोक में Polluter Pays Principle के तहत निर्धारित ₹1,65,920 की राशि उपलब्ध कराने तथा जलापूर्ति योजना के क्रियान्वयन में अपेक्षित सहयोग सुनिश्चित करने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा से जुड़ी योजनाओं को समयबद्ध एवं प्रभावी तरीके से धरातल पर उतारना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित औद्योगिक संस्थानों से निर्धारित सहयोग समय पर उपलब्ध कराने तथा प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों को गति देने की अपेक्षा की। उपायुक्त ने सभी औद्योगिक संस्थानों से आह्वान किया कि वे अपने CSR दायित्वों के तहत स्थानीय आवश्यकताओं एवं जनहित को प्राथमिकता देते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन एवं औद्योगिक संस्थानों के समन्वित प्रयास से जिले में विकास की गति को और मजबूत किया जा सकता है तथा CSR संसाधनों का अधिक प्रभावी एवं जनोपयोगी उपयोग सुनिश्चित किया जा सकता है। बैठक में सहायक समाहर्ता, यश कुमार, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, संबंधित विभागीय पदाधिकारी एवं विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
