
उज्जैन/मध्यप्रदेश (अविनाश चतुर्वेदी) 08 अगस्त। श्री महाकाल महालोक में श्रावण-भादौ मास में प्रतिदिन सायं 06 से 08 बजे तक आयोजित होने वाली श्री महाकालेश्वर सांस्कृतिक संध्या के 18 वे दिवस में प्रथम प्रस्तुति पूर्वा भालेराव की हुई। जिसमें भालेराव द्वारा शुद्ध कथक तीन ताल में परम्परागत नृत्य की प्रस्तुति दी गई।
जिसमे पूर्वा द्वारा बनारस घराने कर शुद्ध परम्परागत कथक नृत्य ततकार, तोड़े, टुकड़े, उपज, चक्करदार परन आदि की प्रस्तुति दी गई। प्रस्तुति का समापन कजरी बरसन लागी सावन बूंदिया……से किया। आपके साथ तबला पर विनायक शर्मा, गायन व हारमोनियम पर प्रहलाद मिश्रा, पढंत पर गुरू डाॅ. खुशबू पांचाल, यासी गर्ग व देवयानी सिंह गौड ने प्रभावी संगत की।
श्री महाकालेश्वर सांस्कृतिक संध्या के 18 वे दिवस की द्वितीय प्रस्तुति उज्जैन की आयुषी त्रिवेदी के कथक नृत्य की हुई। आयुषी द्वारा पंडित बिरजू महाराज द्वारा रचित शिव वंदना, निरतत शंकर………… की प्रस्तुति के उपरांत सहयोगी नृत्यांगनाओं के साथ शिव रुद्राष्टकम, तीन ताल तराना की प्रस्तुति दी गई। प्रस्तुति का समापन कस्तूरी तिलकम ललाट पटले……….. से किया गया। आपके साथ सहयोगी नृत्यांगनाओं के रूप में आश्रया वेरूलकर, तन्वी गोलेचा, जानवी क्षीरसागर, स्वरा सराफ द्वारा की गई।
कार्यक्रम के प्रारंभ में विश्वास कराड़कर, पुरोहित श्री महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन द्वारा दीप प्रज्जवलन किया गया। दीपप्रज्जवलन के पश्चात श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के डिप्टी कलेक्टर एवं उप प्रशासक एस.एन. सोनी द्वारा सभी गणमान्य अतिथियों का दुपट्टा, प्रसाद व स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मान किया गया। इसके पश्चात अतिथियों द्वारा प्रस्तुति हेतु पधारे सभी कलाकारों एवं सहयोगी कलाकारों का दुपट्टा, प्रसाद व प्रशस्ति पत्र प्रदान कर स्वागत व सम्मान किया गया ।
