आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 19 मई। महंत महादेवानंद महिला महाविद्यालय, आरा में पंडित महावीर प्रसाद द्विवेदी के अवतरण दिवस (15 मई) एवं आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी (19 मई) के अवसान दिवस पर हिंदी विभाग में परिचर्चा का आयोजन किया गया जिसमें छात्राओं ने दोनों से संबंधित विषय पर आलेख प्रस्तुत किये। कार्यक्रम का उद्घाटन दोनों ही महान विभूतियों की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि से की गई। मनोविज्ञान की विभागाध्यक्ष डॉ लतिका वर्मा ने ऐसे कार्यक्रम की आवश्यकता पर बल देते हुए हिन्दी विभाग को शुभकामनाएं दीं। हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ सुधा निकेतन रंजनी की देखरेख में कार्यक्रम का आयोजन किया गया । मंच की अध्यक्षता आज के कार्यकारी प्रधानाचार्य डॉ राजीव कुमार ने की । छात्राओं ने अपने आलेख प्रस्तुत किए । निर्णायक के रूप में डॉ अनुपमा एवं डॉ कुमारी शिल्पा ने अपनी भूमिका निभाते हुए माधुरी और सुप्रिया को संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्रदान किया एवं मानसी को द्वितीय स्थान मिला । उन्हें प्रमाण पत्र एवं ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया । इनके साथ ही दो पूर्व में रह चुकी अतिथि प्राध्यापक डॉ. किरण कुमारी और डॉ श्वेता एवं हिन्दी विभाग की दो नवनियुक्त सहायक प्राध्यापक डॉ अंजु कुमारी एवं डॉ प्रीति कुमारी का स्वागत किया गया। डॉ मीना कुमारी ने हिन्दी भाषा का प्रयोग करने पर गर्व अनुभव करने की बात कही । डॉ प्रीति कुमारी ने सरल शब्दों में महावीर प्रसाद द्विवेदी एवं हजारी प्रसाद द्विवेदी से भिन्नता स्पष्ट की । डॉ अंजू कुमारी ने महावीर प्रसाद द्विवेदी की कविता पाठ किया जिसका शीर्षक था ‘विधि विडंबना’। शोधार्थी दुर्गेश नंदिनी ने महावीर प्रसाद द्विवेदी का जीवन परिचय देते हुए उनका साहित्यिक महत्व बताया
डॉ विजय श्री, श्रीमती वीनु, राखी सिन्हा, डॉ खुशबू कुमारी, डॉ अंजु कुमारी, डॉ रजनी नरसारिया , डॉ मनोज कुमार डॉ अमरेश कुमार आदि अध्यापकगण उपस्थित थे । मंच संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ सुधा निकेतन रंजनी ने किया।

