सांसद सुदामा प्रसाद ने मुख्यमंत्री को लिखी चिठ्ठी कहा जवनिया में हो रहे काटाव की हो जांच।
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 31 जुलाई।आरा सांसद सुदामा प्रसाद ने जवइनिया गाँव में भीषण कटाव व जिले में बाढ़ की स्थिति पर त्वरित ध्यान देने एवं राहत कार्य का मुद्दा कल लोकसभा में उठाया और आज मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, डीएम भोजपुर को चिट्टी भी लिखी।
उन्होंने कहा कि शाहपुर प्रखंड के दमोदरपुर पंचायत अंतर्गत जवइनिया गाँव वार्ड संख्या 4 और 5 की ओर लाना चाहता हूँ. जहाँ बाढ़ के कारण स्थिति अत्यंत चिंताजनक बना हुआ है। इस साल अभी तक हनुमान मंदिर, गोवर्धन पहाड़ समेत लगभग 300 घर गंगा नदी की तीव्र धारा और लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण गंगा में विलीन हो गए हैं तथा प्राथमिक विद्यालय सहित कई घर अभी कटाव के कगार पर है. जबकि पिछले वर्ष इसी गाँव के 64 घर गंगा नदी में समा गए थे। जिनमें से केवल 59 परिवारों को 1 लाख की मुआवज़ा राशि तथा 29 परिवारों को गड्ढा में 3 डिसमिल ज़मीन दी गई थी। वर्तमान वर्ष की स्थिति इससे कहीं अधिक भयावह है। गंगा नदी की धार अत्यधिक तेज़ है, और यह न केवल घरों को नुकसान पहुँचा रही है, बल्कि मतस्य पालन, कृषि फसल के साथ – साथ जान-माल का भी बड़ा नुकसान हो चूका है।
आगे उन्होंने कहा कि गाँव के लोगों और विभिन्न स्थानीय स्रोतों के अनुसार, इस कटाव की एक बड़ी वजह यह भी मानी जा रही है कि आरा-मोहनिया फोर-लेन हाईवे के निर्माण हेतु इस क्षेत्र के ही व्यक्ति द्वारा अपने राजनितिक रसूख का फ़ायदा उठाते हुए ग्रामीणों के विरोध के बावजूद जवइनिया गाँव के सामने गंगा नदी से बड़े पैमाने पर बालू और मिट्टी का कटाई किया गया, जिससे गंगा नदी का दिशा ही बदल कर जवइनिया गाँव की ओर हो गया जो अब इस गाँव का गंगा नदी में समाने का मुख्य कारण बना हुआ है। दूसरी तरफ ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की मांग पर जिसमे मेरे द्वारा लोकसभा में उठाने के बाद 9 करोड़ की लागत से ठोकर बांध का निर्माण हुआ। यह बांध भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया. जबकि ग्रामीणों की मांग थी की गाँव से 500 मीटर आगे पीछे निर्माण किया जाए. लेकिन प्रशासन ने एक ना सुनी।
उन्होंने त्वरित करवाई की मांग की
1. आरा – मोहनिया फोर-लेन हाईवे के निर्माण हेतु जवइनिया गाँव के सामने गंगा नदी से बड़े पैमाने पर बालू और मिट्टी का कटाई का जाँच किया जाए तथा दोषी कम्पनी, अधिकारी ,संवेदक पर न्याय संगत करवाई हो।
2. गंगा नदी के किनारे कोईलवर से बक्सर तक स्थायी लगातार कंक्रीट बाँध का निर्माण किया जाए।
3. जवइनिया, अचरज राय के टोला, मझौलिया , राय के टोला के लिए विशेष पैकेज दिया जाए.
4. जिन परिवारों के घर गंगा में समा गए हैं उन्हें समतल जगह पर जमीन दिया जाए और घर बनाने के लिए 25 लाख रुपया दिया जाए तथा जिनके परिजन इस बाढ़ में मारे गए हैं, उन्हें 25 लाख तक का आर्थिक मुआवज़ा दिया जाए।
5. बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत के निम्नलिखित तत्काल उपाय सुनिश्चित किए जाएं
24 घंटे संचालित सामुदायिक रसोई
पशुओं के लिए चारा एवं मोबाइल पशु चिकित्सालय।
साफ पेयजल, मोबाइल शौचालय, नावों की समुचित व्यवस्था।
पर्याप्त रोशनी, मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट।
बच्चों के लिए दूध एवं गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच।
एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर की शुरुआत।
प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग ले रहे युवाओं हेतु नि:शुल्क परिवहन सुविधा (बस स्टैंड एवं रेलवे स्टेशन तक)
उक्त बातें सांसद के निजि सचिव ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी।

