
लंबे समय से रोक सूची में पड़े भूमि को रोक से मुक्त किया गया।
रोक सूची में डाले गए जमीनों के खाता खेसरा की जांच हेतु गठित समिति को तेजी से जांच कराने का दिया निर्देश।
आज कुल 09 जमीनों को रोक सूची से किया गया विमुक्त।
RKTV NEWS/गया(बिहार)21 जुलाई।जिला पदाधिकारी गया शशांक शुभंकर ने बताया कि पुराने समय अर्थात 2009-10, 2012-13 के समय से कुछ जमीनों पर खरीद बिक्री पर रोक लगा था, लगी रोक सूची से उनके जमीनों का खाता खेसरा को जांचोपरांत रोक सूची से हटाया गया है। जिला पदाधिकारी ने आज कुल 09 जमीन को रोक सूची से हटाया है।
जिला पदाधिकारी ने अपर समाहर्ता राजस्व एवं जिला अवर निबंधन पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि अन्य रोक भी जो लगा है, उसका फाइल प्रस्तुत करें ताकि बेवजह आम जनों को कार्यालय का चक्कर काटना नहीं पड़े।
रोक सूची का तात्पर्य
कोई जमीन के संबंध में सूचना प्राप्त होती है कि भू अर्जन में गई है या सरकारी जमीन है या किसी न्यायालय में मामला दायर चल रहा है/ न्यायालय द्वारा उक्त जमीन को खरीद बिक्री पर रोक लगाया है या पूर्व में सरकारी जमीन की सूची आंचल में तैयार की गई हो। उक्त सूची में कोई जमीन है तो उसकी जांच पड़ताल करके यदि वह जमीन वास्तव में रैयती है चाहे भू अर्जन से, सीलिंग से, न्यायालय के वाद से इत्यादि इन सारी चीजों से मुक्त है तो जिला स्तर पर उसकी एक समिति है, जिनमे एडीएम राजस्व, जिला अवर निबंधक, डीसीएलआर एवं संबंधित अंचल के अंचल अधिकारी इन सभी की एक समिति है उनके माध्यम से जांच करा करके जिस जमीन के निबंध पर रोक लगा हुआ है, अगर यह पाया जाता है की जमीन रैयती है, किसी प्रकार का विवाद/ रोक नहीं है तो उसको रोक सूची से हटा हटाने का प्रस्ताव भेजा जाता है और उसका निबंधन शुरू की जा सकती है।
डीएम ने कहा कि पूर्व से काफी जमीनों पर निबंध पर रोक लगी है, जिसमें बहुत सारे जमीनों पर जांच पड़ताल चल रही है। जिला पदाधिकारी द्वारा सभी संबंधित पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि रोक सूची से संबंधित जमीन को जांच पड़ताल तेजी से कराया जाए और जो जमीन वास्तव में रैयत है, हर प्रकार के विवाद से मुक्त है, उसकी निबंध के लिए अनुशंसा किया जाए। विगत 1 माह में 40 से अधिक मामलों को रोक सूची से मुक्त किया गया है।जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि आम जनता जो लंबे समय से अपने जमीन की रोक सूची से परेशान हो रहे हैं उसका शीघ्र जांच पड़ताल कर निराकरण करवाये।
आज कुल 09 जमीनों को रोक सूची से हटाया गया
01. चंदौती अंचल के हरियो मौजा अंतर्गत छत्रधारी पासवान का वर्ष 2009-10 से रोक सूची में था, रोक सूची से हटाया गया।
02. चंदौती अंचल के कंडी मौजा अंतर्गत महेश चंद्र का वर्ष 2012 से रोक सूची में था, रोक सूची से हटाया गया।
03. बोधगया अंचल के अमवा मौजा अंतर्गत योगेंद्र यादव का वर्ष 2012 से रोक सूची में था, रोक सूची से हटाया गया।
04. बोधगया अंचल के नावा मौजा अंतर्गत शिव बालक रविदास का वर्ष 2017 से रोक सूची में था, रोक सूची से हटाया गया।
05. बोधगया अंचल के अमवा मौजा अंतर्गत ममता कुमारी का वर्ष 2013 से रोक सूची में था, रोक सूची से हटाया गया।
06. बोधगया अंचल के बकरौर मौजा अंतर्गत गिरजा देवी का वर्ष 2012 से रोक सूची में था, रोक सूची से हटाया गया।
07. मानपुर अंचल के सूढ़ेरी मौजा अंतर्गत द्रोपदी देवी का वर्ष 2012 से रोक सूची में था, रोक सूची से हटाया गया।
08. मानपुर अंचल के लखनपुर मौजा अंतर्गत रामवरत प्रसाद का वर्ष 2012 से रोक सूची में था, रोक सूची से हटाया गया।
09. मानपुर अंचल के बूढ़ी मौजा अंतर्गत शिव कुमार का वर्ष 2013 से रोक सूची में था, रोक सूची से हटाया गया।
