
कुलाधिपति से प्रस्ताव पर पुनः विचार का किया अनुरोध।
RKTV NEWS/आरा (भोजपुर)20 जून।फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटीज़ टीचर्स एसोसिएशन्स ऑफ बिहार (FUTAB) ने कुलपतियों की बैठक में कुलाधिपति द्वारा विश्वविद्यालयों के काम में सुधार के प्रति चिन्ता जाहिर किए जाने और कुलपतियों को अपनी कुर्सी की गरिमा अनुरूप आचरण करने के परामर्श का स्वागत किया है।
कन्हैया बहादुर सिन्हा, कार्यकारी अध्यक्ष और संजय कुमार सिंह एमएलसी, महासचिव, Futab, ने एक बयान में कहा कि राज्य स्तर पर तीन वीसी की एक समिति का गठन करने का निर्णय और सभी कुलपतियों को अपने संबंधित विश्वविद्यालयों की समस्याओं को समिति के समक्ष हल करने के लिए प्रस्तुत करने की व्यवस्था को व्यावहारिकता से परे करार दिया है ।
बराबरी के पदधारियों की एक समिति को उनके समकक्षों द्वारा अपने विश्वविद्यालय की समस्याओं के साथ संपर्क करने की उम्मीद नहीं की जा सकती है। सम्मान कारक को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है, इसके अलावा, समिति के सदस्यों द्वारा संचालित विश्वविद्यालय से जुड़ी समस्या को कौन हल करेगा, यह स्पष्ट नही है।
उन्होंने सुझाव दिया है कि एक व्यावहारिक और सार्थक दृष्टिकोण रखने के लिए सभी कुलपतियों को समिति का सदस्य होना चाहिए, बैठक में उपस्थित वरियतम कुलपति उसकी अध्यक्षता करें तथा समिति को हर दो महीने में मिलने के लिए अनिवार्य किया जाना चाहिए। राज भवन के एक अधिकारी को सचिव के रूप में कार्य करने के लिए नियुक्त किया जाना चाहिए, जो कुलपतियों द्वारा पहले से संचारित समस्यायों पर चर्चा के लिए एजेंडा तैयार करने और बैठक बुलाने के लिए अधिकृत हों।
उन्होंने आगे कहा कि शिक्षकों और कर्मचारी संगठनों को भी समिति से संपर्क करने के लिए अधिकृत किया जाना चाहिए ताकि विश्वविद्यालयों द्वारा समान विषयों पर अलग -अलग मापदंड अपनाए जाने की प्रवृति पर रोक लगे । एकरुपता की स्थिति में न्यायिक मामलों में भी कमी आएगी।
उन्होंने कुलाधिपति से प्रस्ताव पर पुनर्विचार का अनुरोध किया है।
