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सेकेंडरी इनफर्टिलिटी क्या है और क्यों बढ़ रही है इसकी समस्या : डॉ चंचल शर्मा

नई दिल्ली/राहुल ढींगरा 20 जून।इनफर्टिलिटी के बारे में आप सभी जानते होंगे लेकिन आपको यह जानकर बहुत आश्चर्य होगा कि भारत में सेकेंडरी इनफर्टिलिटी की समस्या बहुत तेज गति से बढ़ती जा रही है। प्रायः लोगों को पहले संतान के जन्म में दिक्कतों का सामना करना होता है, जिसे मेडिकल साइंस की भाषा में प्राथमिक निःसंतानता कहते हैं। लेकिन जब किसी शादी शुदा जोड़े को पहली संतान के बाद प्रेगनेंसी नहीं हो पाती है तो उसे सेकेंडरी इनफर्टिलिटी कहते हैं।
आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ चंचल शर्मा ने बताया कि सेकेंडरी इनफर्टिलिटी की समस्या कई कारणों से बढ़ रही है जिसमे महत्वपूर्ण स्थान आपकी जीवनशैली का भी है। अगर किसी महिला ने पहले गर्भधारण किया था लेकिन किसी कारणवश उनका गर्भपात हो गया और अब दूसरा बच्चा करने में दिक्कत हो रही है तो उसे भी द्वितीयक निःसंतानता कहा जाएगा।

सेकेंडरी इनफर्टिलिटी क्यों होती है?

कई बार दूसरे बच्चे की प्लानिंग करते करते आपकी उम्र ज्यादा हो जाती है, जिसकी वजह से फर्टिलिटी घटने लगती है और फिर कन्सीव करना मुश्किल हो जाता है।
अगर पहले किसी प्रकार का संक्रमण रहा है या एक्टोपिक प्रेगनेंसी हुयी है तो इस बात की सम्भावना बनी रहती है कि इन्फेक्शन की वजह से आपके प्रजनन अंगों को क्षति पहुंची होगी और अब आप सेकेंडरी इनफर्टिलिटी के शिकार हो चुके हैं।
इनफर्टिलिटी का एक बहुत बड़ा कारण आपकी जीवनशैली भी हो सकती है, जो लोग शारीरिक रूप से बहुत ज्यादा एक्टिव नहीं है या पौष्टिक आहार की जगह फास्ट फ़ूड, जंक फ़ूड का सेवन कर रहे हैं उन्हें सेकेंडरी इनफर्टिलिटी की समस्या हो सकती है।

सेकेंडरी इनफर्टिलिटी के बारे में लोगों के पास कम जानकारी क्यों है?

डॉ चंचल शर्मा बताती हैं कि उनके पास आने वाले ज्यादातर मरीजों को ऐसा लगता है कि अगर एक बार उन्हें आसानी से बच्चा हो गया तो दूसरी बार में दिक्कत क्यों होगी। लोगों के अनुसार प्राथमिक निःसंतानता सबसे महत्वपूर्ण है जिसमे उपचार की जरुरत होती है। इसलिए अक्सर लोग सेकेंडरी इनफर्टिलिटी को नजरअंदाज कर देते हैं जबकि यह एक बड़ी समस्या बनकर उभर रही है।

सेकेंडरी इनफर्टिलिटी को कैसे रोकें?

अगर किसी जोड़े को पहला बच्चा बहुत आसानी से हो गया लेकिन दूसरे में दिक्कत हो रही है तो एक साल तक प्रयास करने के बाद अतिशीघ्र किसी स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। समय समय पर अपने स्वास्थ्य की जांच करवाते रहें। सेकेंडरी इनफर्टिलिटी का उपचार उनके कारणों पर निर्भर करता है इसलिए स्वास्थ्य सेवा प्रदाता ही आपकी रिपोर्ट्स देखकर उचित उपचार बता सकते हैं। लेकिन ऐसी स्थिति में घबराएं नहीं क्यूंकि आयुर्वेदा में निःसंतानता का उपचार उपलब्ध है, वह भी बिना किसी सर्जरी के।

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