
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा 20 जून। निरोगी जीवन के लिए योग सबसे सरल और उत्तम कुमार है। जिसकी चर्चा आदि काल से प्राचीन ऋषि मुनियों और प्राचीन ग्रंथों में उल्लेखित है। 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस है। जिसके लिए देश-विदेश तक सभी सामाजिक संगठनों, संस्थाओं ,स्कूल कॉलेज के माध्यम से लगातार योग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है और इसके महत्व को समझाया जा रहा है।अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पांच दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन पतंजलि योग समिति भोजपुर के जिला प्रभारी सुरेन्द्र प्रसाद चौरसिया द्वारा योगाभ्यास कराते हुए।निरोग जीवन के लिए योग उत्तम मार्ग है।
रोगी अपने रोगानुसार आसन, प्राणायाम का चयन करें।
आसन प्राणायाम यदि सही विधि से करने वाले को पूरा लाभ मिलता है।शारीरिक क्षमता से ज्यादा योग नहीं करें।आसन प्राणायाम का प्रभाव सूक्ष्म रूप में शरीर पर पड़ता है। अतः आसन प्राणायाम करते समय हमारे चेहरे पर खिंचाव या तनाव नहीं होने दे।चार प्रकार से आसन का अभ्यास खड़े हो कर,बैठ कर, पेट के बल लेट कर और पीठ के बल लेट कर किया। चौरसिया ने कहा कि योग में कुछ सावधानियां बरतनी है जैसे
कमर पीठ में दर्द हो तो आगे झुकने वाले कोई आसन नहीं करना है। हर्निया होने पर पिछे झुकने वाले आसनों का अभ्यास नहीं करना है आदि बताया गया।
शिविर में सहप्रभारी श्याम कुमार गुप्ता, महामंत्री उपेन्द्र कुमार, राज कुमार, चन्द्रिका प्रसाद,ए के शर्मा, एवं साधक एवं बच्चों ने भाग लिया।
