
RKTV NEWS/पटना(बिहार)23 मई।बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) द्वारा आज सरदार पटेल भवन, पटना के मुख्य सभागार में सामुदायिक स्वयंसेवकों (आपदा मित्रों) के लिए एक दिवसीय विशेष उन्मुखीकरण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. उदयकांत की अध्यक्षता में एवं सदस्य कौशल किशोर मिश्र, प्रकाश कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों के रूप में पद्मश्री सम्मानित समाजसेविका सुधा वर्गीज, प्रख्यात चित्रकार पद्मश्री श्याम शर्मा और समाजसेवी पद्मश्री विमल कुमार जैन ने सहभागिता की। इस अवसर पर प्राधिकरण के सचिव मो. वारिस खान भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के उद्देश्यों की जानकारी वरीय शोध पदाधिकारी रवि आनंद ने दी। विशिष्ट अतिथियों ने सामुदायिक स्वयंसेवकों (आपदा मित्रों) को समाज में उनकी भूमिका, आपदाओं के प्रति जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की महत्ता पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने आपदा मित्रों को प्रेरित किया कि वे सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना से कार्य करें और राज्यव्यापी जन-जागरूकता अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाएँ।
कार्यक्रम में विषय-विशेषज्ञों द्वारा तीन प्रमुख आपदाओं पर उन्मुखीकरण सत्र लिए गए:
• वज्रपात से बचाव: परियोजना पदाधिकारी श्री संदीप वर्मा
• डूबने की घटनाओं से सुरक्षा: वरीय सलाहकार डॉ. जीवन कुमार
• लू से बचाव: वरीय शोध पदाधिकारी श्री दीपक कुमार
इन सत्रों के माध्यम से आपदा मित्रों को उनके-अपने जिलों में जाकर समुदायों को प्रशिक्षित करने, बचाव उपायों की जानकारी देने और जन-जागरूकता अभियान चलाने हेतु तैयार किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य बातें
उपाध्यक्ष डॉ. उदयकांत ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में सेवा, संवेदना और सतत आत्मविकास की भावना पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में दो प्रकार की मित्रता होती है – एक मिट्टी के घड़े जैसी और दूसरी सोने के पात्र जैसी। उन्होंने युवाओं को सोने जैसे बनने की प्रेरणा दी – मजबूत, टिकाऊ और मूल्यवान।
रामदेव संत की कथा के माध्यम से उन्होंने संवेदना का अर्थ स्पष्ट किया – दूसरों की पीड़ा को महसूस करना ही सच्ची सेवा है। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवक वही है जो सेवा को अपना धर्म मानता है और समाज में आशा और ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे समाज में आशा की किरण बनें और प्रत्येक कार्य उत्तरदायित्व के साथ करें। उनका आह्वान था – “हम होंगे कामयाब।”
सदस्य प्रकाश कुमार ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं की तीव्रता और आवृत्ति में वृद्धि हुई है, अतः समाज को जागरूक और सतर्क रखना अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने प्रशिक्षित आपदा मित्रों को समाज का “आशा का प्रकाश” बताया, जो आपदा की घड़ी में मसीहा की भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और दिव्यांग – समाज के सबसे कमजोर वर्ग – आपदा मित्रों की उपस्थिति में सुरक्षित महसूस करते हैं। अतः आपदा मित्र समाज की संवेदनशीलता के संवाहक भी हैं।
प्राधिकरण के सचिव श्री मो. वारिस खान ने कार्यक्रम में सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अत्यंत उपयोगी और प्रभावी रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल सहानुभूति नहीं, बल्कि सक्रिय सहयोग और भागीदारी ही जीवन की रक्षा कर सकते हैं। उन्होंने तकनीकी प्रगति और पूर्व चेतावनी प्रणालियों की चर्चा करते हुए कहा कि आज समय रहते मिली जानकारी से जनहानि को रोका जा सकता है। BSDMA की सतत पहल के कारण राज्य में आपदा प्रबंधन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
यह कार्यक्रम BSDMA की जनभागीदारी पर आधारित आपदा जोखिम न्यूनीकरण रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो राज्य के नागरिकों को अधिक सजग, सतर्क और सुरक्षित बनाएगा।
कार्यक्रम में विशेष सचिव आशुतोष सिंह, ओएसडी मो. मोइज़उद्दीन, सभी जिलों से आए जिला आपदा प्रभारी, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारीगण और BSDMA के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। मंच का संचालन संदीप कमाल ने किया।
